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विधानसभा मानसून सत्र 20 अगस्त से, चुनावी मुद्दों पर हंगामे के आसार; सरकार चाहती है 25 तक चले, विपक्ष ने मांगा 20 दिन का सत्र

 

राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र 20 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। चुनावी माहौल के बीच शुरू होने वाले इस सत्र में भारी हंगामे के आसार जताए जा रहे हैं। सरकार जहां सत्र को करीब 25 अगस्त तक चलाने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष ने सत्र की अवधि बढ़ाकर कम से कम 20 दिन करने की मांग की है।

सत्र के दौरान सरकार की ओर से दो विधेयक पेश किए जाने की संभावना है। वहीं, विपक्ष चुनावी मुद्दों, जनसमस्याओं और सरकार की नीतियों को लेकर सदन में सरकार को घेरने की तैयारी में है।

चुनावी मुद्दों पर गरमा सकता है सदन

विधानसभा सत्र ऐसे समय में हो रहा है, जब प्रदेश में चुनावी गतिविधियां तेज हैं। ऐसे में सदन के अंदर और बाहर राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप बढ़ने की संभावना है।

विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि वह महंगाई, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था और अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार से जवाब मांगेगा। वहीं, सत्ता पक्ष अपनी उपलब्धियों और योजनाओं को लेकर विपक्ष के सवालों का जवाब देगा।

सरकार की नजर दो विधेयकों पर

मानसून सत्र में सरकार की ओर से दो विधेयक लाने की तैयारी है। इन विधेयकों पर चर्चा के बाद इन्हें पारित कराने का प्रयास किया जाएगा।

सरकार का कहना है कि सदन की कार्यवाही जनहित के मुद्दों और जरूरी विधायी कार्यों के लिए होनी चाहिए। इसके लिए सभी पक्षों से सहयोग की उम्मीद जताई गई है।

विपक्ष ने की 20 दिन चलाने की मांग

विपक्ष का कहना है कि विधानसभा सत्र की अवधि कम रखी जा रही है। विपक्षी दलों ने मांग की है कि जनता से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा के लिए सत्र कम से कम 20 दिन तक चलना चाहिए।

विपक्ष का तर्क है कि कम समय में प्रदेश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो पाएगी। इसलिए सरकार को सत्र की अवधि बढ़ानी चाहिए।

हंगामे के बीच चलेगी कार्यवाही

राजनीतिक माहौल को देखते हुए विधानसभा का मानसून सत्र हंगामेदार रहने की संभावना है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर टकराव देखने को मिल सकता है।

अब सभी की नजर 20 अगस्त से शुरू होने वाले सत्र पर है, जहां सरकार के विधायी एजेंडे के साथ विपक्ष की रणनीति भी सामने आएगी।