×

अशोक गहलोत का भाजपा पर पलटवार, वीडियो में बोले- मेरे बयानों को तोड़-मरोड़कर कांग्रेस में फूट दिखाने की कोशिश हो रही

 

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि उनके बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है, ताकि कांग्रेस के नेताओं के बीच मतभेद दिखाए जा सकें। गहलोत ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी राजस्थान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगाया।

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/JzkjHrwYwnE?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/JzkjHrwYwnE/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

अशोक गहलोत ने कहा कि भाजपा जानबूझकर एक गलत नैरेटिव तैयार करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का उद्देश्य कांग्रेस नेताओं को आपस में लड़ाना और कार्यकर्ताओं को भ्रमित करना है।गहलोत ने कहा, "भाजपा मेरे बयानों को तोड़-मरोड़कर कांग्रेस में फूट दिखाने की कोशिश कर रही है। मैंने कभी भी डोटासरा पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगाया।"

उन्होंने कहा कि कांग्रेस एकजुट है और पार्टी के नेता मिलकर जनता के मुद्दों को उठा रहे हैं। गहलोत के अनुसार, भाजपा राजनीतिक लाभ लेने के लिए कांग्रेस नेताओं के बयानों को अपने हिसाब से पेश कर रही है।पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी दलों की ओर से बनाए जा रहे इस तरह के माहौल से कार्यकर्ताओं और आम लोगों को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह कांग्रेस के अंदर विवाद पैदा करने की कोशिश कर रही है, लेकिन उसके मंसूबे सफल नहीं होंगे।

गौरतलब है कि राजस्थान कांग्रेस में पिछले कुछ समय से नेताओं के बयानों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज रही हैं। ऐसे में गहलोत का यह बयान पार्टी के भीतर एकजुटता का संदेश देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।वहीं, भाजपा की ओर से गहलोत के आरोपों पर प्रतिक्रिया आना बाकी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राजस्थान में आगामी चुनावों को देखते हुए दोनों प्रमुख दलों के बीच बयानबाजी और तेज हो सकती है।

गहलोत लंबे समय तक राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे हैं और प्रदेश कांग्रेस में उनका प्रभाव माना जाता है। वहीं, गोविंद सिंह डोटासरा वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस संगठन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ऐसे में गहलोत का डोटासरा के समर्थन में दिया गया बयान पार्टी के अंदर आपसी समन्वय और एकता का संकेत माना जा रहा है।