अशोक गहलोत का भाजपा पर पलटवार: 'मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया, डोटासरा पर कभी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगाया
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा पर उनके बयान को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगाया। गहलोत ने कहा कि भाजपा कांग्रेस में फूट दिखाने और नेताओं के बीच भ्रम पैदा करने के लिए झूठा नैरेटिव तैयार कर रही है।
'भाजपा कांग्रेस नेताओं को लड़ाना चाहती है'
अशोक गहलोत ने कहा कि भाजपा जानबूझकर उनके बयान को संदर्भ से हटाकर पेश कर रही है, ताकि कांग्रेस नेताओं के बीच मतभेद की छवि बनाई जा सके।उन्होंने कहा कि भाजपा का उद्देश्य कांग्रेस संगठन को कमजोर करना और जनता के बीच गलत संदेश फैलाना है, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है।
बिड़ला ऑडिटोरियम के कार्यक्रम का दिया हवाला
पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित शिक्षकों के सम्मेलन के दौरान उन्होंने सामान्य चर्चा के दौरान यह पूछा था कि क्या ट्रांसफर और पोस्टिंग में भ्रष्टाचार होता है।उन्होंने कहा कि यह सवाल किसी व्यक्ति विशेष को लेकर नहीं था, बल्कि वर्षों से चली आ रही उस धारणा के संदर्भ में था कि चाहे कांग्रेस की सरकार हो या भाजपा की, शिक्षा विभाग में ट्रांसफर और पोस्टिंग को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप अक्सर सामने आते रहे हैं।
'डोटासरा ने मंच से ही दी थी सफाई'
गहलोत ने कहा कि उनके सवाल के तुरंत बाद गोविंद सिंह डोटासरा ने मंच से ही कहा था कि यदि उन्होंने या उनके स्टाफ ने किसी से एक रुपये भी लिए हों तो कोई सामने आकर बताए।उन्होंने दावा किया कि उस समय कार्यक्रम में मौजूद किसी भी शिक्षक ने डोटासरा के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया और न ही उनकी बात का समर्थन किया।
'आज तक किसी ने डोटासरा पर पैसे लेने की शिकायत नहीं की'
अशोक गहलोत ने कहा कि आज तक किसी भी व्यक्ति ने उनसे यह नहीं कहा कि गोविंद सिंह डोटासरा ने ट्रांसफर या पोस्टिंग के बदले पैसे लिए हैं।उन्होंने दोहराया कि उन्होंने कभी भी डोटासरा पर भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगाया और भाजपा इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए बेवजह उछाल रही है।
'पीसीसी अध्यक्ष को बदनाम करना चाहती है भाजपा'
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा का एकमात्र उद्देश्य राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष की छवि खराब करना है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से ऐसे प्रचार पर ध्यान न देने की अपील करते हुए कहा कि विरोधी दलों का काम भ्रम फैलाना होता है, लेकिन कांग्रेस को संगठन की मजबूती और जनता के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।गहलोत के इस बयान के बाद राजस्थान की सियासत में ट्रांसफर-पोस्टिंग और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है।