×

झालावाड़ में आचार संहिता लागू होते ही होर्डिंग-बैनर हटाए, शिलान्यास पट्टिकाएं भी ढकीं

 

जोधपुर में नगर निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस में टिकट पाने के लिए नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आवेदन देना शुरू कर दिया है। पार्टी के जिला अध्यक्ष ने बताया कि बड़ी संख्या में कार्यकर्ता चुनाव लड़ने की इच्छा जता रहे हैं और टिकट के लिए अपने आवेदन पार्टी के पास जमा करा रहे हैं।

कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, पार्टी में टिकट के लिए दावेदारों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वहीं दूसरी पार्टियों से जुड़े कुछ कार्यकर्ता भी कांग्रेस में शामिल होने के लिए नेताओं के संपर्क में हैं। इसे आगामी नगर निकाय चुनाव से पहले पार्टी के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

टिकट के लिए दावेदारों में उत्साह

नगर निकाय चुनाव की घोषणा के बाद जोधपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ गई है। संभावित प्रत्याशी अपने-अपने वार्ड में जनसंपर्क करने के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से संपर्क कर रहे हैं।

कई कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेतृत्व के सामने चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। टिकट के लिए आवेदन देने वालों में पुराने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ स्थानीय स्तर पर सक्रिय नेता भी शामिल हैं।

दूसरी पार्टियों के कार्यकर्ता भी संपर्क में

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने दावा किया कि दूसरी राजनीतिक पार्टियों से जुड़े कार्यकर्ता भी कांग्रेस में शामिल होने के लिए संपर्क कर रहे हैं। उनका कहना है कि कई लोग कांग्रेस की नीतियों और संगठन से प्रभावित होकर पार्टी में आने की इच्छा जता रहे हैं।

यदि इन कार्यकर्ताओं का कांग्रेस में प्रवेश होता है तो चुनाव से पहले पार्टी के स्थानीय संगठन को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

वार्ड स्तर पर तेज हुई तैयारी

टिकट वितरण से पहले कांग्रेस संगठन वार्ड स्तर पर संभावित प्रत्याशियों की स्थिति का आकलन कर रहा है। पार्टी की कोशिश ऐसे उम्मीदवारों को मैदान में उतारने की होगी, जिनकी स्थानीय स्तर पर पकड़ मजबूत हो और जो चुनाव में पार्टी को फायदा पहुंचा सकें।

दावेदार अपने सामाजिक संपर्क, पिछले काम और वार्ड में सक्रियता के आधार पर टिकट की मांग कर रहे हैं। अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व की ओर से प्रत्याशियों की समीक्षा के बाद किया जाएगा।

टिकट वितरण पर रहेगी नजर

नगर निकाय चुनाव में टिकट वितरण कांग्रेस के लिए अहम माना जा रहा है। बड़ी संख्या में दावेदार होने के कारण पार्टी को कई वार्डों में टिकट तय करने में चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।

वहीं, दूसरी पार्टियों के कार्यकर्ताओं के कांग्रेस से संपर्क करने के दावे के बाद स्थानीय राजनीतिक समीकरण भी बदल सकते हैं। अब देखना होगा कि कांग्रेस किसे टिकट देती है और चुनावी मैदान में पार्टी की रणनीति क्या रहती है।