गर्भवती महिला से छेड़छाड़ मामले में बड़ा खुलासा, आरोपी निकला हथियार तस्कर
राजधानी जयपुर में गर्भवती महिला से छेड़छाड़ के मामले की जांच के दौरान पुलिस को एक चौंकाने वाला खुलासा हाथ लगा है। प्रारंभिक जांच में जिस आरोपी को केवल छेड़छाड़ के मामले में पकड़ा गया था, वह दरअसल अवैध हथियारों की तस्करी में भी शामिल पाया गया है।
पुलिस पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त के धंधे से जुड़ा हुआ था। वह कम कीमत में हथियार खरीदकर उन्हें कई गुना अधिक दाम पर बेचता था। जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी करीब 20 हजार रुपये कीमत की पिस्टल को 40 हजार रुपये तक में बेच देता था।
छेड़छाड़ मामले से खुला पूरा नेटवर्क
यह मामला तब सामने आया जब शहर के एक इलाके में गर्भवती महिला ने आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान आरोपी के व्यवहार और उसके मोबाइल फोन की जांच में संदिग्ध गतिविधियों के संकेत मिले, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की।
जांच आगे बढ़ने पर आरोपी के संपर्कों और लेन-देन से अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त का नेटवर्क सामने आया। पुलिस को शक है कि आरोपी किसी बड़े हथियार सप्लाई रैकेट से भी जुड़ा हो सकता है।
हथियार तस्करी का तरीका
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी सस्ते दामों पर अवैध हथियार प्राप्त करता था और उन्हें स्थानीय स्तर पर जरूरतमंद या आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को ऊंचे दामों पर बेचता था। इस कारोबार में उसे मोटा मुनाफा मिलता था। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि वह कई महीनों से इस अवैध गतिविधि में सक्रिय था।
पुलिस ने आरोपी के पास से कुछ संदिग्ध दस्तावेज और डिजिटल सबूत भी बरामद किए हैं, जिनकी जांच जारी है। इसके अलावा उसके मोबाइल और बैंक ट्रांजेक्शन की भी बारीकी से जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। आरोपी से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि हथियार कहां से लाए जाते थे और किन-किन लोगों को बेचे जाते थे।
इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या आरोपी पहले भी किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल रहा है। पुलिस का मानना है कि इस नेटवर्क के उजागर होने से शहर में अवैध हथियारों की सप्लाई पर बड़ी रोक लग सकती है।