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मेरठ में गहरे नाले में गिरा एक और युवक, तीन दिन पहले ई-रिक्शा चालक की गई थी जान

 

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में खुले और गहरे नालों का खतरा एक बार फिर सामने आ गया है। शहर में रविवार देर शाम एक युवक के गहरे नाले में गिरने की सूचना से हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, नगर निगम और राहत दल मौके पर पहुंचे और युवक की तलाश के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया। बताया जा रहा है कि जिस नाले में युवक गिरा है, वह काफी गहरा और तेज बहाव वाला है, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

यह घटना ऐसे समय पर हुई है, जब महज तीन दिन पहले इसी तरह की एक दर्दनाक घटना में एक ई-रिक्शा चालक की जान चली गई थी। उस हादसे के बाद नगर निगम और प्रशासन की लापरवाही को लेकर सवाल उठे थे, लेकिन इसके बावजूद खुले नालों को लेकर कोई ठोस व्यवस्था नजर नहीं आ रही है। लगातार हो रही घटनाओं से स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक देर शाम इलाके से गुजर रहा था। अंधेरा होने और नाले के किनारे कोई बैरिकेडिंग या चेतावनी संकेत न होने के कारण वह संतुलन खो बैठा और सीधे नाले में गिर गया। युवक के गिरते ही आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया और तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों और नगर निगम की टीम के साथ मिलकर तलाशी अभियान शुरू कराया।

रेस्क्यू टीम नाले में युवक की तलाश कर रही है, लेकिन तेज बहाव और गंदे पानी के कारण अभियान में दिक्कतें आ रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी लगाए जाएंगे। फिलहाल युवक की पहचान और उसकी स्थिति को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ सकी है।

गौरतलब है कि तीन दिन पहले मेरठ में ही एक ई-रिक्शा चालक खुले नाले में गिर गया था, जिसकी बाद में मौत हो गई थी। उस घटना के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि नालों को ढकने और सुरक्षा इंतजाम करने में प्रशासन पूरी तरह नाकाम रहा है। बावजूद इसके, हालात में कोई खास सुधार नहीं हुआ, जिसका नतीजा अब एक और हादसे के रूप में सामने आया है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर के कई इलाकों में नाले खुले पड़े हैं। बरसात के मौसम में पानी भर जाने से नालों का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों की जान खतरे में पड़ जाती है। लोगों ने नगर निगम से तत्काल नालों की बैरिकेडिंग कराने, चेतावनी बोर्ड लगाने और स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।

वहीं, प्रशासन की ओर से कहा गया है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजा गया है और हादसे की जांच की जा रही है। साथ ही, खुले नालों को लेकर जल्द ही आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन भी दिया गया है।

लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने मेरठ में शहरी सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इन हादसों से सबक लेकर ठोस कार्रवाई करता है या फिर लापरवाही का सिलसिला यूं ही जारी रहता है।