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भरतपुर में बसंत पशु मेला उद्घाटन के दौरान भाजपा और निर्दलीय विधायक में कहासुनी

 

भरतपुर जिले के रूपवास कस्बे में रविवार (18 जनवरी) को आयोजित बसंत पशु मेला प्रदर्शनी का उद्घाटन रंगीन और विवादित तरीके से हुआ। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान मंच पर भाजपा के पूर्व विधायक बच्चू सिंह बंसीवाल और बयाना विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत के बीच कहासुनी हो गई।

सूत्रों के अनुसार, विवाद का कारण उद्घाटन कार्यक्रम में भाषण देने का क्रम था। बच्चू सिंह बंसीवाल और ऋतु बनावत दोनों मंच पर पहले और आखिरी में बोलने को लेकर उलझ गए। इस पर दोनों के बीच मौखिक तकरार और हल्की बहस देखने को मिली।

घटना के दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मी और अन्य जनप्रतिनिधि तुरंत हस्तक्षेप कर मामले को नियंत्रित करने की कोशिश में जुट गए। उन्होंने दोनों नेताओं को शांत कराया और कार्यक्रम को सुरक्षित तरीके से जारी रखा। अधिकारियों ने कहा कि यह केवल मौखिक विवाद था और किसी भी तरह की शारीरिक मारपीट या गंभीर घटना नहीं हुई।

स्थानीय मीडिया ने बताया कि कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी इस छोटी बहस को लेकर हैरानी और उत्सुकता व्यक्त की। कुछ लोग इसे केवल मंचीय गलतफहमी मान रहे थे, जबकि कुछ ने इसे नेताओं के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और अहम की टकराहट बताया।

भरतपुर प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा, "मंच पर भाषण क्रम को लेकर कभी-कभी इस तरह की असहमति हो जाती है। हमें हमेशा यह सुनिश्चित करना होता है कि कार्यक्रम समय पर और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो।" उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस और कार्यक्रम संयोजकों ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रण में रखा।

भाजपा के पूर्व विधायक बच्चू सिंह बंसीवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनका उद्देश्य केवल जनप्रतिनिधियों और जनता से संवाद करना था। उन्होंने यह भी कहा कि मंच पर किसी भी तरह की राजनीतिक तनातनी नहीं होनी चाहिए। वहीं, निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत ने कहा कि उन्होंने केवल कार्यक्रम में अपना भाषण क्रम सुनिश्चित करने की कोशिश की।

विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक आयोजनों में इस तरह की छोटी-मोटी कहासुनी सामान्य घटनाओं में शामिल होती है। उन्होंने कहा कि हालांकि इस तरह के विवादों को मीडिया में प्रचारित करने से सामाजिक और राजनीतिक छवि प्रभावित हो सकती है।

बसंत पशु मेला प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में किसान, पशुपालक और व्यापारी उपस्थित हुए। आयोजन का उद्देश्य पशु व्यापार, कृषि उत्पाद और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देना था। प्रशासन ने बताया कि मेले में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे और आगंतुकों की सुरक्षा के लिए पुलिस की पर्याप्त तैनाती की गई थी।

इस प्रकार, रूपवास में बसंत पशु मेला उद्घाटन कार्यक्रम रंगीन और विवादास्पद दोनों रहा। मंच पर हुई कहासुनी के बावजूद प्रशासन और पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और मेला सफलतापूर्वक आयोजित हुआ।