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अजमेर निवासी के खाते से चार बार ट्रांजैक्शन, साइबर पुलिस ने शुरू की जांच

 

शहर में साइबर ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। ताजा मामला अजमेर निवासी मुकेश से जुड़ा है, जिनके बैंक खाते से संदिग्ध परिस्थितियों में चार बार ट्रांजैक्शन किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने इस संबंध में साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार अजमेर निवासी मुकेश को उस समय ठगी का पता चला जब उन्होंने अपने बैंक खाते की जानकारी चेक की। खाते से चार अलग-अलग ट्रांजैक्शन होने की सूचना मिलने पर उनके होश उड़ गए। बताया जा रहा है कि ये सभी ट्रांजैक्शन बिना उनकी अनुमति के किए गए। पीड़ित ने तुरंत बैंक से संपर्क कर खाते की जानकारी ली और इसके बाद साइबर पुलिस से शिकायत की।

मुकेश ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं किया और न ही किसी को अपने बैंक खाते, एटीएम या ओटीपी संबंधी जानकारी साझा की। इसके बावजूद खाते से रकम निकलने की घटना ने उन्हें परेशान कर दिया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि साइबर ठगों ने किस तरीके से ट्रांजैक्शन को अंजाम दिया। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग या किसी अन्य तकनीकी माध्यम से खाते तक पहुंच तो नहीं बनाई गई।

शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बैंक ट्रांजैक्शन की डिटेल खंगाली जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि रकम कहां ट्रांसफर की गई। साथ ही संबंधित बैंक से भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि जल्द से जल्द मामले का खुलासा किया जा सके।

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान समय में ऑनलाइन फ्रॉड के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। ठग कभी फर्जी कॉल, मैसेज या लिंक के जरिए लोगों को निशाना बनाते हैं, तो कभी तकनीकी खामियों का फायदा उठाकर बैंक खातों से रकम उड़ा लेते हैं। ऐसे में आमजन को सतर्क रहने की जरूरत है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, लिंक या मैसेज पर भरोसा न करें। बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी जैसे ओटीपी, सीवीवी, पिन या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। यदि खाते से किसी भी तरह का संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखाई दे तो तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।

अजमेर में सामने आया यह मामला एक बार फिर साइबर सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों के बीच लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। फिलहाल पीड़ित को न्याय दिलाने और ठगी की रकम का पता लगाने के लिए साइबर पुलिस जांच में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले में महत्वपूर्ण खुलासा हो सकता है।