अजमेर दरगाह में ईद-उल-फितर पर उमड़ा सैलाब, जन्नती दरवाजा खोलने की परंपरा रही आकर्षण का केंद्र
राजस्थान के अजमेर स्थित विश्व प्रसिद्ध अजमेर शरीफ दरगाह में ईद-उल-फितर के पावन अवसर पर अकीदतमंदों का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह की नमाज के बाद जैसे ही दिन चढ़ा, दरगाह शरीफ में जायरीनों का आना शुरू हो गया और देखते ही देखते पूरे परिसर में श्रद्धा और आस्था का माहौल छा गया। इस खास मौके पर दरगाह की ऐतिहासिक परंपरा के तहत “जन्नती दरवाजा” खोला गया, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा।
जन्नती दरवाजे से गुजरने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें सुबह से ही लग गईं। माना जाता है कि इस दरवाजे से होकर गुजरना बेहद पुण्यकारी होता है, इसलिए देश ही नहीं बल्कि विदेशों से आए जायरीन भी इस परंपरा का हिस्सा बनने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे। हर किसी की यही कोशिश रही कि वे इस पवित्र दरवाजे से होकर गुजरकर अपने लिए और अपने परिवार के लिए अमन, चैन और खुशहाली की दुआ कर सकें।
ईद के इस खास मौके पर दरगाह परिसर में हर तरफ रोशनी, फूलों और श्रद्धालुओं की भीड़ से एक अनोखा नजारा देखने को मिला। जायरीनों ने दरगाह में हाजिरी लगाकर चादर और फूल पेश किए तथा देश और दुनिया में शांति, भाईचारे और तरक्की की दुआ मांगी। विभिन्न राज्यों से आए लोगों के साथ-साथ विदेशों से आए श्रद्धालु भी इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक माहौल का हिस्सा बने।
त्योहार को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए थे। पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारी और स्वयंसेवक लगातार व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए थे, ताकि किसी भी श्रद्धालु को कोई परेशानी न हो। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए और जायरीनों को कतारबद्ध तरीके से प्रवेश दिया गया।
अजमेर शहर में भी ईद का पर्व पूरी रौनक और उत्साह के साथ मनाया गया। मस्जिदों में नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। बाजारों में भी चहल-पहल देखने को मिली, जहां लोग खरीदारी और त्योहार की खुशियों में शामिल नजर आए।
इस प्रकार अजमेर शरीफ दरगाह में ईद-उल-फितर का यह पावन पर्व आस्था, परंपरा और भाईचारे के अद्भुत संगम के रूप में मनाया गया, जो श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय अनुभव बन गया।