हाईकोर्ट की सख्ती के बाद सरकार ने पेश किया पंचायत-निकाय चुनाव का रोडमैप, 15 नवंबर तक चुनाव कराने का दावा
राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर चल रही सुनवाई के बीच राज्य सरकार ने सोमवार को हाईकोर्ट में चुनाव का रोडमैप पेश कर दिया। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद सरकार की ओर से महाधिवक्ता (AG) राजेंद्र प्रसाद ने शपथ पत्र दाखिल करते हुए कहा कि 15 नवंबर तक हर हाल में पंचायत और निकाय चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
मामले की सुनवाई एक्टिंग चीफ जस्टिस (CJI) संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ में हुई। सरकार की ओर से पेश किए गए शपथ पत्र को अदालत ने रिकॉर्ड पर ले लिया। साथ ही कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अब चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के लिए सरकार को अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा।
सरकार ने अपने रोडमैप में चुनाव से जुड़ी तैयारियों और समय-सीमा की जानकारी अदालत के सामने रखी। शपथ पत्र में बताया गया कि तय कार्यक्रम के अनुसार सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करते हुए निर्धारित समय में चुनाव कराए जाएंगे।
इससे पहले पंचायत और निकाय चुनाव में देरी को लेकर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई थी। अदालत ने सरकार से चुनाव कराने की स्थिति स्पष्ट करने और समयबद्ध कार्यक्रम पेश करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सरकार ने सोमवार को अपना पक्ष रखते हुए चुनाव की समय सीमा तय की।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के चुनाव समय पर होना जरूरी है। स्थानीय निकाय और पंचायतें जनता के सीधे जुड़ी व्यवस्थाएं हैं, इसलिए इनमें लंबे समय तक देरी उचित नहीं है।
सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन के बाद अब चुनाव प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। हालांकि, अदालत ने यह भी संकेत दिया है कि तय समय सीमा का पालन करना होगा और इसमें किसी तरह की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
पंचायत और निकाय चुनाव प्रदेश की राजनीति के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। चुनाव की तारीखों और कार्यक्रम को लेकर अब सभी की नजर राज्य निर्वाचन आयोग की आगामी तैयारियों पर रहेगी।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार और संबंधित विभागों के सामने अब समय पर सभी औपचारिकताएं पूरी करने की जिम्मेदारी होगी, ताकि 15 नवंबर तक चुनाव प्रक्रिया पूरी कराई जा सके।