पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड के बाद जयपुर पुलिस का बड़ा एक्शन, 40 अवैध गोदाम सील; संचालकों पर होगी कानूनी कार्रवाई
खोह नागोरियान क्षेत्र में हुए बहुचर्चित अवैध पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड के बाद जयपुर पूर्व पुलिस ने अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। कार्रवाई के तहत पुलिस ने प्लास्टिक, फाइबर, रूई सहित ज्वलनशील और हानिकारक सामग्री के अवैध निर्माण एवं भंडारण से जुड़े 40 गोदामों को सील कर दिया है। साथ ही गोदाम संचालकों और मालिकों के खिलाफ न्यायालय में कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण अग्निकांड के बाद क्षेत्र में व्यापक जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान कई स्थानों पर बिना अनुमति ज्वलनशील और खतरनाक सामग्री का निर्माण व भंडारण किए जाने की जानकारी मिली। जांच के बाद पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वाले 40 गोदामों को सील कर दिया।
पुलिस का कहना है कि इन गोदामों में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक, फाइबर, रूई और अन्य ज्वलनशील सामग्री रखी गई थी। सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किए जाने के कारण ये गोदाम आसपास के रिहायशी इलाकों के लिए भी गंभीर खतरा बने हुए थे। ऐसे स्थानों पर आग लगने की स्थिति में बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।
जयपुर पूर्व पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिन गोदामों में अवैध गतिविधियां पाई गई हैं, उनके संचालकों और मालिकों के खिलाफ संबंधित कानूनों के तहत न्यायालय में कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर लाइसेंस, अग्नि सुरक्षा और अन्य आवश्यक अनुमतियों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और शहर में बिना अनुमति ज्वलनशील या खतरनाक सामग्री का निर्माण एवं भंडारण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकना और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
गौरतलब है कि खोह नागोरियान क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए अग्निकांड के बाद सुरक्षा व्यवस्थाओं और अवैध गोदामों को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। इसी के बाद पुलिस ने पूरे क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर संदिग्ध गोदामों की जांच शुरू की।
पुलिस ने शहर के कारोबारियों और गोदाम संचालकों से अपील की है कि वे सभी आवश्यक लाइसेंस, अग्नि सुरक्षा मानकों और कानूनी प्रावधानों का पालन करें। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।