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कई सालों बाद रक्षाबंधन पर नहीं रहा भद्रा का साया, शुभ मुहूर्त में बहनों ने बांधी राखी

 

रक्षाबंधन का पर्व इस बार लंबे समय बाद ऐसे संयोग के साथ मनाया गया, जब राखी बांधने के शुभ समय पर भद्रा का साया नहीं रहा। इसी वजह से बहनों ने बिना किसी बड़ी ज्योतिषीय बाधा के भाइयों की कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधा। सुबह से ही घरों में रक्षाबंधन की तैयारियां शुरू हो गई थीं। बहनों ने पूजा की थाली सजाई और शुभ समय में भाइयों को तिलक लगाकर राखी बांधी।

रक्षाबंधन हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में शामिल है। यह पर्व भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और सुरक्षा के संकल्प का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं, जबकि भाई बहनों की रक्षा का संकल्प लेते हैं।

कई साल बाद भद्रा का नहीं रहा प्रभाव

रक्षाबंधन के दिन भद्रा को लेकर विशेष मान्यता है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार भद्रा काल में राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। ऐसे में कई बार रक्षाबंधन पर बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा समाप्त होने का इंतजार करना पड़ता है।

इस बार राखी बांधने के शुभ समय को लेकर लोगों में विशेष उत्साह रहा। भद्रा के साए से राहत मिलने के कारण बहनों ने निर्धारित शुभ समय में भाइयों की कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधा। कई परिवारों ने पहले से ही पूजा और राखी बांधने की तैयारियां कर रखी थीं।

पूजा की थाली सजाकर बांधी राखी

रक्षाबंधन के अवसर पर घरों में सुबह से ही उत्सव का माहौल रहा। बहनों ने रोली, अक्षत, दीपक, मिठाई और राखी से पूजा की थाली सजाई। इसके बाद भाई को तिलक लगाकर आरती उतारी और उसकी कलाई पर राखी बांधी।

राखी बांधने के बाद भाइयों ने बहनों को उपहार दिए और उनकी रक्षा का संकल्प लिया। दूर रहने वाले भाई-बहन भी इस खास दिन एक-दूसरे से मिलने के लिए अपने घर पहुंचे। बाजारों में भी राखी, मिठाई और उपहारों की खरीदारी को लेकर काफी रौनक रही।

बाजारों में भी दिखा त्योहार का उत्साह

रक्षाबंधन से पहले ही बाजारों में रंग-बिरंगी राखियों की दुकानें सज गई थीं। बच्चों से लेकर महिलाओं तक में राखी खरीदने को लेकर उत्साह दिखाई दिया। मिठाई और गिफ्ट की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ रही।

कई बहनों ने भाइयों के लिए पारंपरिक राखियों के साथ आकर्षक और डिजाइनर राखियां खरीदीं। वहीं भाइयों ने भी बहनों के लिए कपड़े, आभूषण, मिठाई और अन्य उपहार खरीदे।

भाई-बहन के रिश्ते का पर्व

रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का त्योहार नहीं है, बल्कि यह भाई-बहन के बीच प्रेम और विश्वास को मजबूत करने का अवसर भी है। इस दिन बहन अपने भाई की खुशहाली और लंबी उम्र की कामना करती है।

इस बार भद्रा को लेकर कम बाधा होने के कारण लोगों ने शुभ समय में पूरे उत्साह के साथ रक्षाबंधन मनाया। घर-घर में पूजा-अर्चना के बाद राखी बांधी गई और मिठाइयां खिलाकर भाई-बहन ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। पूरे दिन त्योहार को लेकर परिवारों में खुशी और उल्लास का माहौल बना रहा।