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आखिर 200 साल पहले रातों-रात कहां गायब हो गए कुलधरा के 5000 परिवार ? वीडियो में जानिए गांव से जुड़ा अबतक सबसे खौफनाक रहस्य 

 

महल, किले और रेत...राजस्थान की बात करें तो यही सब दिमाग में आता है। लेकिन हकीकत में राजस्थान में आपको कई ऐतिहासिक और अद्भुद कहानियां सुनने को मिलेंगी। यहां एक ऐसा गांव भी है जो रातों-रात खाली हो गया था। लोकल18 आज आपके लिए यही कहानी लेकर आया है।

<a href=https://youtube.com/embed/L68Tprnp58M?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/L68Tprnp58M/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden"" title="Kuldhara Village Jaisalmer | World's Most Haunted Village | कुलधरा गांव की भूतिया कहानी और इतिहास" width="1250">
200 साल पहले खाली हो गया था पूरा गांव
कहानी पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर जिला मुख्यालय से 17 किलोमीटर दूर स्थित कुलधरा गांव की है। यह गांव अपनी रहस्यमयी कहानियों के लिए जाना जाता है। कहा जाता है कि 200 साल पहले एक रात यह पूरा गांव रातों-रात खाली हो गया था। कहा जाता है कि कुलधरा पर किसी की बुरी नजर लगी थी। यह बुरी नजर किसी भूत-प्रेत की नहीं बल्कि रियासत के दीवान सालम सिंह की थी। दीवान सालम सिंह की बुरी नजर गांव की एक खूबसूरत लड़की पर पड़ी। दीवान उस लड़की का इतना दीवाना था कि वह उसे किसी भी कीमत पर पाना चाहता था।

कुलधरा को भूतहा गांव के रूप में जाना जाता है कुलधरा का इतिहास बहुत पुराना है और इसे राजस्थान का 'भूतहा गांव' भी कहा जाता है। इस गांव के बारे में एक पुरानी कहानी बताती है कि 18वीं शताब्दी में यहां के निवासी रात के अंधेरे में अपने घर छोड़कर चले गए थे। इस रहस्यमयी घटना के पीछे कई कारण थे, जिसमें दूसरे गांवों से होने वाले हमले और आर्थिक तंगी शामिल थे। लड़की की इज्जत के लिए पूरा गांव एकजुट हो गया था दीवान और गांव वालों के बीच यह लड़ाई अब कुंवारी लड़की की इज्जत के साथ-साथ गांव के स्वाभिमान को लेकर भी थी।

गांव की चौपाल पर पालीवाल ब्राह्मणों की एक बैठक हुई और 5000 से ज्यादा परिवारों ने अपने सम्मान के लिए रियासत छोड़ने का फैसला किया। गांव खाली होने के बाद कुलधरा ने अपना पुराना स्वरूप बदल दिया और इसे भूतहा गांव का दर्जा मिल गया। कहा जाता है कि इस गांव को खाली करते समय ब्राह्मणों ने इसे श्राप दिया था। उन्होंने कहा था कि यह गांव कभी नहीं बसेगा और हुआ भी कुछ ऐसा ही। समय के साथ कुलधरा के आस-पास के गांव फिर से बस गए। लेकिन कुलधरा फिर से नहीं बस सका। कुलधरा का अनोखा पुनरुद्धार वास्तविकता का प्रतीक है और भारतीय संस्कृति के इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आज लोग कहानियां सुनकर इस गांव को देखने आते हैं।