जयपुर में ACB की बड़ी कार्रवाई: 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते कॉन्स्टेबल गिरफ्तार, वीडियो में जाने SC-ST एक्ट में फंसाने की धमकी देने का आरोप
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने जयपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पुलिस कांस्टेबल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। ACB ने गुरुवार शाम मुहाना थाना क्षेत्र में तैनात कॉन्स्टेबल नोरत मीणा को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। आरोपी पर एक परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं करने की एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। मामले में एक अन्य आरोपी कांस्टेबल सुरेश चौधरी फरार बताया जा रहा है। ACB उसकी तलाश में जुटी हुई है।
50 हजार रुपए मांगी थी रिश्वत
ACB अधिकारियों के अनुसार, शिकायतकर्ता के परिवार की मुहाना मंडी में फल-सब्जी की दुकान है। आरोप है कि कांस्टेबल नोरत मीणा ने परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं करने और दुकान सुचारू रूप से चलने देने के बदले 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी।शिकायत में बताया गया कि आरोपी कांस्टेबल लगातार परिवार को धमका रहा था और कथित तौर पर SC-ST एक्ट में झूठा मुकदमा दर्ज कराने की धमकी भी दे रहा था।
शिकायत के बाद ACB ने बिछाया जाल
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन विंग को इस संबंध में शिकायत मिली थी।शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मुहाना थाने के कांस्टेबल नोरत मीणा और सुरेश चौधरी ने परिवादी के पड़ोसी दुकानदार की शिकायत के आधार पर उसके खिलाफ SC-ST एक्ट में मामला दर्ज कराने का डर दिखाया।इसके अलावा आरोप है कि दोनों कांस्टेबलों ने परिवादी की दुकान से सामान नहीं उठाने देने और दुकान को बिना परेशानी चलने देने के बदले रिश्वत की मांग की थी।
20 हजार रुपए लेते पकड़ा गया कांस्टेबल
शिकायत का सत्यापन करने के बाद ACB ने कार्रवाई की योजना बनाई। गुरुवार शाम आरोपी कांस्टेबल नोरत मीणा को तय राशि के रूप में 20 हजार रुपए लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।ACB टीम अब आरोपी से पूछताछ कर रही है और रिश्वत मांगने में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
फरार कांस्टेबल की तलाश जारी
मामले में नामजद दूसरे आरोपी कांस्टेबल सुरेश चौधरी की तलाश की जा रही है। ACB अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।ACB ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो इसकी शिकायत तुरंत ब्यूरो को करें, ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके।