उदयपुर में एसीबी ने रिश्वतखोरी पर की बड़ी कार्रवाई, पुलिस कांस्टेबल गिरफ्तार
राजस्थान की झीलों की नगरी उदयपुर में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रिश्वतखोरी के आरोप में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसीबी टीम ने जिले की एक पुलिस स्पेशल टीम में तैनात कांस्टेबल को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
जानकारी के अनुसार, शिकायत के आधार पर एसीबी ने छापेमारी की और संबंधित कांस्टेबल को घटना स्थल पर ही पकड़ लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने रिश्वत लेते हुए कोई विरोध नहीं किया और पूरी वारदात कैमरे में दर्ज हो गई।
एसीबी अधिकारी ने बताया कि रिश्वत लेने का मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। इस स्पेशल टीम के अन्य सदस्य – एक एएसआई, एक हेड कांस्टेबल और एक अन्य कांस्टेबल – अभी भी एसीबी की तलाश में हैं। इनके खिलाफ भी जांच तेज कर दी गई है और जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामले जन विश्वास और पुलिस विभाग की विश्वसनीयता पर गंभीर असर डालते हैं। एसीबी की कार्रवाई से यह संदेश गया है कि भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्थानीय नागरिकों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि लंबे समय से पुलिस विभाग में कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा रिश्वतखोरी की शिकायतें आ रही थीं। एसीबी की इस कार्रवाई से यह आशा बढ़ी है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
एसीबी ने यह भी चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी कर्मचारी या अधिकारी द्वारा सामान्य कर्तव्यों के पालन में भ्रष्टाचार किया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, जिले के पुलिस विभाग ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सभी कानूनी और अनुशासनात्मक प्रक्रिया एसीबी के साथ सहयोग करते हुए पूरी की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि रिश्वतखोरी जैसे मामलों से पुलिस की छवि पर नकारात्मक असर पड़ सकता है, इसलिए विभाग पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।
अंततः, उदयपुर में एसीबी की यह कार्रवाई रिश्वतखोरी के खिलाफ निर्णायक कदम के रूप में देखी जा रही है। कांस्टेबल की गिरफ्तारी और अन्य आरोपियों की तलाश से स्पष्ट संदेश गया है कि राजस्थान में भ्रष्टाचार पर नजर रखी जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।