×

जयपुर में संतों की अनोखी रैली, ट्रैक्टर-ट्रॉली में गाय-बछड़े लेकर निकले; वीडियो में जाने गाय को 'राष्ट्रमाता' घोषित करने की उठी मांग

 

राजधानी जयपुर में सोमवार को संतों और गौ-सेवा से जुड़े संगठनों ने गाय को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा देने की मांग को लेकर अनोखी रैली निकाली। इस दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली में गाय और बछड़ों को बैठाकर शहर में जनजागरण यात्रा निकाली गई। रैली का उद्देश्य लोगों को गौ-संरक्षण के प्रति जागरूक करना और केंद्र सरकार तक अपनी मांग पहुंचाना बताया गया। रैली में बड़ी संख्या में संत, गौ-भक्त और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। पूरे रास्ते गौमाता के समर्थन में नारे लगाए गए और लोगों से इस अभियान से जुड़ने की अपील की गई।

40 करोड़ हस्ताक्षर अभियान का दावा

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/Wz4Dh4XafmU?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/Wz4Dh4XafmU/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

आयोजकों ने बताया कि गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए देशभर में 40 करोड़ हस्ताक्षर जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। उनका कहना है कि यह अभियान केवल धार्मिक नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कृषि और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा जनआंदोलन है।संतों ने कहा कि हस्ताक्षर अभियान पूरा होने के बाद इसे केंद्र सरकार को सौंपा जाएगा, ताकि इस मांग पर विचार किया जा सके।

गाय के संरक्षण की उठाई मांग

रैली के दौरान वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय का विशेष महत्व है और उसके संरक्षण के लिए प्रभावी नीतियां बनाई जानी चाहिए। उन्होंने गौवंश की सुरक्षा, अवैध तस्करी पर रोक और गौशालाओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की।संतों का कहना था कि गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिए जाने से गौ-संरक्षण को और मजबूती मिलेगी तथा समाज में इसके प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

शहर में निकली जनजागरण यात्रा

ट्रैक्टर-ट्रॉली में गाय और बछड़ों के साथ निकली रैली शहर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी। इस दौरान श्रद्धालुओं ने जगह-जगह रैली का स्वागत किया। आयोजन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस भी तैनात रही।

सरकार से की जल्द निर्णय की मांग

आयोजकों ने केंद्र सरकार से मांग की कि गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि जब तक इस मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक जनजागरण अभियान और हस्ताक्षर अभियान देशभर में जारी रहेगा।रैली के माध्यम से संतों ने लोगों से गौ-संरक्षण के लिए आगे आने और इस अभियान का हिस्सा बनने की अपील भी की।