बालोतरा के सरकारी स्कूल में दो महिला शिक्षिकाओं के बीच हाथापाई, वीडियो में जाने बच्चों और अभिभावकों के सामने हुआ विवाद; शिक्षा विभाग ने बैठाई जांच
राजस्थान के बालोतरा जिले के एक राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में दो महिला शिक्षिकाओं के बीच हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। बताया जा रहा है कि बच्चों की पढ़ाई और शिक्षण व्यवस्था को लेकर शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। घटना के दौरान स्कूल में मौजूद छात्र और अभिभावक दोनों शिक्षिकाओं को शांत कराने की कोशिश करते रहे।
पढ़ाई को लेकर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, घटना कल्याणपुर ब्लॉक के तिरसिगड़ी सोढ़ा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की है। शुक्रवार को शिक्षिका ऊमादेवी और पुष्पा के बीच विद्यार्थियों की शिक्षण व्यवस्था को लेकर बहस शुरू हुई। प्रारंभिक तौर पर दोनों के बीच मौखिक विवाद हुआ, लेकिन कुछ ही देर में मामला बढ़ गया और दोनों कथित तौर पर आपस में उलझ गईं।
बच्चों और अभिभावकों के सामने हुई हाथापाई
घटना के समय स्कूल परिसर में अभिभावक और विद्यार्थी मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों शिक्षिकाओं के बीच हाथापाई शुरू होने पर वहां मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर उन्हें अलग करने का प्रयास किया। इस दौरान छात्र पूरे घटनाक्रम को देखते रहे। अभिभावकों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।
वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप
घटना के दौरान मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद मामला शिक्षा विभाग के संज्ञान में पहुंचा।
शिक्षा विभाग ने गठित की जांच टीम
वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। विभाग की ओर से एक जांच टीम गठित की गई है, जो घटना के कारणों, परिस्थितियों और दोनों शिक्षिकाओं के आचरण की जांच करेगी।अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निष्पक्ष जांच के बाद होगी कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। यदि जांच में सेवा नियमों का उल्लंघन या अनुशासनहीनता सामने आती है, तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।इस घटना ने विद्यालयों में अनुशासन, कार्यस्थल के व्यवहार और शैक्षणिक वातावरण को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।