जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही बस का बड़ा हादसा टला, फतेहगढ़ के पास आगे का टायर निकला
जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही एक निजी बस शुक्रवार को उस समय बड़े हादसे से बाल-बाल बच गई, जब फतेहगढ़ से लगभग चार किलोमीटर दूर चलते वाहन का आगे का टायर अचानक निकल गया। यह घटना बस के आगे के बेरिंग (bearing) टूट जाने के कारण हुई बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बस अपनी निर्धारित रफ्तार से हाईवे पर आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान अचानक जोरदार झटका महसूस हुआ और चालक ने तुरंत बस को नियंत्रित करने का प्रयास किया। कुछ ही क्षणों में बस का आगे का एक टायर पूरी तरह अलग होकर सड़क किनारे जा गिरा। इस घटना से बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कई यात्री घबरा गए।
यह हादसा फतेहगढ़ के पास हुआ, जो जैसलमेर जिले का एक महत्वपूर्ण कस्बा माना जाता है। सौभाग्य से चालक की सूझबूझ और सड़क पर अपेक्षाकृत कम ट्रैफिक होने के कारण बस को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया, जिससे एक बड़ा सड़क हादसा टल गया।
बस में सवार यात्रियों ने बताया कि घटना के समय तेज आवाज आई और बस एक तरफ झुक गई। जैसे ही टायर निकला, चालक ने तुरंत ब्रेक लगाकर बस को सुरक्षित स्थान पर रोका। इसके बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस घटना में किसी भी यात्री को चोट नहीं आई, जिससे सभी ने राहत की सांस ली।
स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर यात्रियों की मदद की और प्रशासन को सूचना दी। कुछ समय बाद तकनीकी टीम और बस ऑपरेटर के प्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे। खराब हुए हिस्से की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आगे के पहिए का बेरिंग टूटने के कारण यह दुर्घटना हुई।
यात्रियों ने बस की तकनीकी स्थिति और नियमित रखरखाव को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि लंबी दूरी की बसों की समय-समय पर जांच और फिटनेस परीक्षण बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि भारी वाहनों में बेरिंग और पहियों की नियमित जांच न होने पर इस तरह की तकनीकी खराबियां गंभीर हादसों का कारण बन सकती हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि परिवहन विभाग को बसों की फिटनेस जांच और सख्ती से करनी चाहिए, विशेषकर लंबी दूरी की रूटों पर चलने वाले वाहनों की।
इस घटना के बाद यात्रियों को अन्य वाहन से उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। बस ऑपरेटर द्वारा क्षतिग्रस्त वाहन को मरम्मत के लिए कार्यशाला भेज दिया गया है।
हालांकि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहन रखरखाव की गंभीरता पर सवाल खड़े करता है। यात्रियों ने मांग की है कि ऐसी लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न दोहराई जाएं।
इस प्रकार, जैसलमेर-अहमदाबाद मार्ग पर हुआ यह हादसा भले ही बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा सका, लेकिन यह एक चेतावनी के रूप में सामने आया है कि तकनीकी खामियों की अनदेखी कितनी खतरनाक साबित हो सकती है।