जयपुर में 4 साल से चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर, वीडियो में जाने नौकरी का झांसा देकर बेरोजगारों से लाखों की ठगी
जयपुर में बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि यह कॉल सेंटर पिछले 4-5 सालों से एक फ्लैट में संचालित किया जा रहा था। यहां बैठे कर्मचारी सोशल मीडिया और फोन कॉल के जरिए बेरोजगार युवाओं को अपना शिकार बनाते थे। आरोपी ई-मित्र आईडी और ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने का झांसा देकर लोगों से मोटी रकम वसूलते थे।
पुलिस जांच में सामने आया है कि ठगों ने कमाई का एक पूरा फार्मूला बना रखा था। इसके तहत एक व्यक्ति से करीब 70 हजार से 1 लाख रुपए तक की ठगी की जाती थी, जबकि कॉल करने वाले कर्मचारियों को केवल 10 से 15 हजार रुपए मासिक वेतन दिया जाता था। इस तरह कम खर्च में ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए फर्जी कॉल सेंटर का संचालन किया जा रहा था।
सोशल मीडिया पर देते थे रोजगार का लालच
आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाते थे। पोस्ट और मैसेज के माध्यम से ई-मित्र आईडी, ऑनलाइन सेवाओं और अन्य सुविधाओं के जरिए अच्छी कमाई का लालच दिया जाता था। इसके बाद कॉल सेंटर के कर्मचारी युवाओं से संपर्क कर उन्हें नौकरी या रोजगार शुरू कराने का भरोसा दिलाते थे।पीड़ितों को विश्वास में लेने के बाद उनसे रजिस्ट्रेशन, सिक्योरिटी और अन्य शुल्क के नाम पर हजारों रुपए जमा करवाए जाते थे। राशि मिलने के बाद न तो कोई नौकरी दी जाती थी और न ही कोई सुविधा उपलब्ध कराई जाती थी।
कंपनी के नाम से खोला था बैंक अकाउंट
ठगी को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने एक कंपनी के नाम बैंक अकाउंट भी खुलवा रखा था। इससे लोगों को शक नहीं होता था और वे आसानी से पैसे ट्रांसफर कर देते थे। पुलिस अब इस अकाउंट से जुड़े सभी लेन-देन की जांच कर रही है।जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड सलमान है, जो जयपुर के झोटवाड़ा इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस अब सलमान के संपर्क में रहने वाले अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
कई राज्यों तक फैला हो सकता है नेटवर्क
पुलिस को आशंका है कि फर्जी कॉल सेंटर का नेटवर्क केवल राजस्थान तक सीमित नहीं था, बल्कि दूसरे राज्यों के बेरोजगार युवाओं को भी निशाना बनाया जा रहा था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों से ठगी की है और इसमें कितने लोग शामिल हैं।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले रोजगार संबंधी ऑफर की जांच जरूर करनी चाहिए। बिना सत्यापन के किसी भी व्यक्ति या संस्था को पैसे भेजना नुकसानदायक हो सकता है। मामले में आगे की जांच जारी है और जल्द ही गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।