दौसा में दो दिन में पहुंचेगी डीएपी खाद की 20 हजार बैग की खेप, अधिकारियों ने किसानों को दी सलाह
राजस्थान के दौसा जिले में डीएपी खाद की कमी के बीच किसानों के लिए राहत की खबर है। जिले में अगले दो दिनों के भीतर डीएपी खाद के 20 हजार बैग पहुंचने की संभावना है। इससे रबी की फसलों की बुवाई और खाद की जरूरत को लेकर परेशान किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे डीएपी खाद की उपलब्धता कम होने पर वैकल्पिक उर्वरकों का भी इस्तेमाल करें, ताकि फसलों की बुवाई और शुरुआती बढ़वार प्रभावित न हो।
दो दिन में पहुंचेगी 20 हजार बैग डीएपी
जिले में डीएपी खाद की मांग को देखते हुए 20 हजार बैग की आपूर्ति होने की जानकारी सामने आई है। यह खेप अगले दो दिनों में पहुंचने की उम्मीद है। खाद पहुंचने के बाद इसे निर्धारित वितरण व्यवस्था के तहत किसानों तक उपलब्ध कराया जा सकेगा।
रबी सीजन में सरसों, गेहूं और अन्य फसलों की बुवाई के दौरान किसानों को उर्वरकों की जरूरत होती है। ऐसे में डीएपी की उपलब्धता किसानों के लिए अहम बनी हुई है। आपूर्ति पहुंचने से खाद लेने के लिए किसानों की परेशानी कम होने की उम्मीद है।
डीएपी नहीं मिले तो इन विकल्पों पर करें विचार
कृषि अधिकारियों ने किसानों को सलाह दी है कि वे डीएपी खाद नहीं मिलने की स्थिति में वैकल्पिक उर्वरकों का उपयोग कर सकते हैं। हालांकि, किस फसल में किस उर्वरक की कितनी मात्रा इस्तेमाल करनी है, यह मिट्टी की स्थिति, फसल की जरूरत और कृषि विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तय किया जाना चाहिए।
डीएपी मुख्य रूप से फसलों को नाइट्रोजन और फास्फोरस उपलब्ध कराने के लिए इस्तेमाल की जाती है। विकल्प के तौर पर सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) और अन्य उपयुक्त उर्वरकों का उपयोग किया जा सकता है। लेकिन इनके पोषक तत्वों की मात्रा डीएपी से अलग होती है, इसलिए बिना जानकारी के सीधे समान मात्रा में इस्तेमाल करना सही नहीं है।
किसानों को सलाह दी जाती है कि वे कृषि विभाग के अधिकारियों या कृषि पर्यवेक्षकों से संपर्क कर फसल के अनुसार उर्वरक की सही मात्रा की जानकारी लें।
खाद की खरीद में जल्दबाजी से बचें किसान
कृषि विभाग की सलाह है कि किसान जरूरत के मुताबिक ही खाद खरीदें और अनावश्यक भंडारण से बचें। खाद की उपलब्धता और वितरण से संबंधित जानकारी के लिए स्थानीय कृषि कार्यालय या अधिकृत विक्रेताओं से संपर्क किया जा सकता है।
दौसा में 20 हजार बैग डीएपी की खेप पहुंचने से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। अब किसानों की नजर खाद की वास्तविक आपूर्ति और वितरण पर रहेगी।