रणथंभौर में घर के बाहर खेल रहे 3 साल के बच्चे को लेपर्ड उठा ले गया, फुटेज में देंखे मां के सामने हुई मौत; गुस्साए ग्रामीणों ने बाइक फूंकी
राजस्थान के सवाई माधोपुर में रणथंभौर टाइगर रिजर्व से सटे इलाके में तेंदुए के हमले से 3 साल के बच्चे की मौत हो गई। गुरुवार शाम दूमोदा गांव में घर के पास खेल रहे बच्चे को तेंदुआ उठाकर जंगल की ओर ले गया। बच्चे की मां ने तेंदुए के पीछे भागकर अपने इकलौते बेटे को बचाने की कोशिश की, लेकिन वह उसे नहीं बचा सकी। घटना के बाद मां सदमे में बेहोश हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक, घटना शाम करीब 7 बजे की है। संजय बैरवा का 3 साल का बेटा दिलखुश घर में खेल रहा था। इसी दौरान अचानक तेंदुआ वहां पहुंचा और बच्चे को मुंह में दबाकर जंगल की ओर भाग गया। मां ने जब अपने बेटे को तेंदुए के कब्जे में देखा तो वह उसके पीछे दौड़ी, लेकिन कुछ दूर जाने के बाद वह सदमे में बेहोश हो गई।
वन चौकी पर सूचना देने के बाद भी नहीं पहुंची टीम
बच्चे को तेंदुए के उठा ले जाने की जानकारी मिलते ही ग्रामीण फलौदी रेंज की वन चौकी पहुंचे। ग्रामीणों ने वनकर्मियों को पूरी घटना बताई और बच्चे की तलाश के लिए तुरंत मौके पर चलने की मांग की।ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग के कर्मचारियों ने कुछ देर में मौके पर पहुंचने का आश्वासन दिया, लेकिन करीब दो से ढाई घंटे तक कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद ग्रामीणों ने खुद बच्चे की तलाश शुरू करने का फैसला किया।ग्रामीणों ने अलग-अलग समूह बनाए और जंगल में बच्चे की तलाश शुरू कर दी। काफी तलाश के बाद पहाड़ी इलाके में बच्चा लहूलुहान हालत में मिला। ग्रामीण तुरंत उसे लेकर सवाई माधोपुर के जिला अस्पताल पहुंचे।
डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित किया
अस्पताल में डॉक्टरों ने बच्चे की जांच की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। गांव में भी मातम छा गया। ग्रामीणों में वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिली।ग्रामीणों का कहना है कि यदि वन विभाग की टीम समय पर पहुंच जाती तो शायद बच्चे की तलाश जल्द शुरू हो सकती थी। हालांकि, बच्चे को तेंदुआ कितनी दूर तक ले गया था और उसकी मौत किस समय हुई, इसकी स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
गुस्साए ग्रामीणों ने वन चौकी पर किया प्रदर्शन
बच्चे की मौत से आक्रोशित ग्रामीण फलौदी रेंज चौकी पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों और वन विभाग के बीच तनाव की स्थिति बन गई। गुस्साए लोगों ने चौकी परिसर में खड़ी एक बाइक में आग लगा दी।घटना के बाद वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई है। वन विभाग की टीम अब तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रख रही है और ग्रामीणों को जंगल के आसपास सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
रणथंभौर से सटे गांवों में वन्यजीवों की आवाजाही पहले भी चिंता का विषय रही है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत बढ़ गई है। लोगों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने और गांव के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। मामले में वन विभाग की ओर से घटना की जांच भी की जा रही है।