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जैसलमेर में इंदिरा गांधी नहर में मिला 10 फीट लंबा घड़ियाल, वन विभाग ने घंटों की मशक्कत के बाद किया रेस्क्यू

 

जिले के मोहनगढ़ क्षेत्र में इंदिरा गांधी नहर की आरएनडी (RND) माइनर में पिछले करीब एक महीने से भटक रहे विशालकाय घड़ियाल को आखिरकार वन विभाग की टीम ने सुरक्षित पकड़ लिया। करीब 10 फीट लंबे घड़ियाल के नहर में होने की सूचना के बाद इलाके में लोगों में डर का माहौल बना हुआ था। सोमवार रात शुरू हुआ रेस्क्यू अभियान कई घंटों तक चला, जिसके बाद टीम को सफलता मिली।

जानकारी के अनुसार, मोहनगढ़ क्षेत्र की आरएनडी माइनर में पिछले एक महीने से एक घड़ियाल दिखाई दे रहा था। नहर में घड़ियाल की मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। इसके बाद वन विभाग की टीम ने लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और उसे सुरक्षित पकड़ने के लिए योजना तैयार की।

सोमवार रात करीब 9 बजे वन विभाग की टीम ने घड़ियाल को पकड़ने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। घड़ियाल आकार में काफी बड़ा था और पानी में लगातार अपनी जगह बदल रहा था, जिसके कारण टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। विशेषज्ञों की मदद से काफी प्रयासों के बाद उसे काबू में किया गया।

रेस्क्यू के दौरान टीम ने पूरी सावधानी बरती, ताकि घड़ियाल और आसपास मौजूद लोगों को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे। आखिरकार कई घंटों की मेहनत के बाद घड़ियाल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद उसे वन विभाग की निगरानी में रखा गया।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, घड़ियाल को उसके प्राकृतिक आवास में छोड़े जाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके लिए विशेषज्ञों की सलाह ली जा रही है, ताकि उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जा सके।

रेगिस्तानी क्षेत्र जैसलमेर में नहरों में इस तरह के जलीय जीवों का मिलना कई बार सामने आता है। माना जा रहा है कि पानी के बहाव के साथ यह घड़ियाल नहर में पहुंच गया होगा और लंबे समय तक वहीं भटकता रहा।

घड़ियाल के रेस्क्यू की खबर मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने वन विभाग की टीम की सराहना की। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते सूचना मिलने और विभाग की तत्परता से किसी बड़े हादसे की आशंका टल गई।

फिलहाल घड़ियाल पूरी तरह सुरक्षित है और वन विभाग उसकी निगरानी कर रहा है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि नहरों या जल स्रोतों में किसी भी वन्यजीव के दिखाई देने पर खुद पकड़ने की कोशिश न करें और तुरंत वन विभाग को सूचना दें।