77वां गणतंत्र दिवस उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाया गया, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने ली परेड की सलामी
राजस्थान में सोमवार को 77वां गणतंत्र दिवस अत्यधिक उत्साह और देशभक्ति के ज्वार के साथ मनाया गया। जिले के पुलिस लाइन मैदान में आयोजित जिला स्तरीय मुख्य समारोह में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली। समारोह में सरकारी अधिकारियों, सुरक्षा बलों, छात्रों और नागरिकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।
समारोह के दौरान राष्ट्रीय ध्वज फहराते हुए उपमुख्यमंत्री डॉ. बैरवा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विभिन्न क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने बताया कि गणतंत्र दिवस हमें अपने संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की याद दिलाने का अवसर देता है। डॉ. बैरवा ने सभी नागरिकों से देशभक्ति के मूल्यों को अपनाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
ध्वजारोहण के बाद पुलिस, होमगार्ड और अन्य सुरक्षा बलों की परेड आयोजित की गई। विभिन्न स्कूली छात्र समूहों ने झांकी प्रस्तुत की, जिसमें भारतीय संस्कृति, विज्ञान, खेल और सामाजिक चेतना के विविध पहलुओं को दर्शाया गया। समारोह में खेल और मार्शल आर्ट प्रदर्शन ने उपस्थित जनमानस को मंत्रमुग्ध कर दिया।
डॉ. बैरवा ने कहा कि आज का दिन हमें यह याद दिलाता है कि लोकतंत्र और संविधान हमारे सबसे बड़े धरोहर हैं। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि वे शिक्षा, समाज सेवा और राष्ट्र सेवा के माध्यम से देश की प्रगति में योगदान दें। उन्होंने कोरोना महामारी और प्राकृतिक आपदाओं के समय में नागरिकों और सुरक्षा बलों की सेवाओं की सराहना भी की।
समारोह में स्थानीय सांस्कृतिक कलाकारों ने देशभक्ति गीत और नृत्य प्रस्तुत किए, जिससे आयोजन में और रंग और ऊर्जा आई। छात्रों ने विविध झांकियों के माध्यम से भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित किया।
स्थानीय प्रशासन ने समारोह की सफलता सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा, यातायात और स्वास्थ्य प्रबंधों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों ने समारोह स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बरती, जिससे आयोजन सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न हुआ।
समारोह में उपस्थित नागरिकों ने देशभक्ति और उत्साह के साथ राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक औपचारिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह हमें हमारे अधिकारों और कर्तव्यों की याद दिलाने का अवसर भी देता है।
इस अवसर पर डॉ. बैरवा ने स्थानीय विकास कार्यों और योजनाओं की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और उद्योग के क्षेत्र में निरंतर प्रयास कर रही है ताकि नागरिकों की जीवन गुणवत्ता में सुधार हो और राज्य का हर क्षेत्र विकसित हो।
77वां गणतंत्र दिवस समारोह न केवल देशभक्ति की भावना को प्रकट करने का अवसर था, बल्कि यह युवाओं, छात्रों और नागरिकों को प्रेरित करने का भी माध्यम बना। इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत की ताकत उसके नागरिकों की एकता, साहस और संविधान के प्रति सम्मान में निहित है।