सीनियर टीचर भर्ती पेपर लीक मामले में 70वां आरोपी गिरफ्तार, लीक पेपर बेचने और हल करवाने का आरोप
राजस्थान में सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में पुलिस को एक और सफलता मिली है। मामले में 70वें आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पर लीक हुआ पेपर बेचने और अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र हल करवाने में मदद करने का आरोप है। इस प्रकरण में पहले भी कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
पेपर बेचने और सॉल्व करवाने का आरोप
जांच के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी पर कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र अभ्यर्थियों तक पहुंचाने और उसे हल करवाने में भूमिका निभाने का आरोप है। पेपर लीक जैसे मामलों में अभ्यर्थियों से संपर्क करने, प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने और परीक्षा से पहले उत्तर याद करवाने जैसी गतिविधियों की जांच की जाती है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने किन लोगों के माध्यम से पेपर हासिल किया और इसे आगे किन अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया। इसके अलावा, इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।
बस में पकड़े गए थे अभ्यर्थी और डमी
इस मामले में पहले बस में अभ्यर्थियों और डमी अभ्यर्थियों के पकड़े जाने की घटना भी सामने आई थी। डमी अभ्यर्थी वे लोग होते हैं, जो किसी दूसरे उम्मीदवार की जगह परीक्षा देने की कोशिश करते हैं। ऐसी गतिविधियां सामने आने पर पुलिस परीक्षा में नकल, पहचान की धोखाधड़ी और पेपर लीक से जुड़े संभावित संपर्कों की जांच करती है।
बस में पकड़े गए लोगों से मिले सुरागों के आधार पर जांच का दायरा बढ़ा। मामले में अब तक हुई गिरफ्तारियों के बाद पुलिस कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों और उनकी भूमिकाओं की पड़ताल कर रही है।
70 आरोपियों तक पहुंची जांच
70वें आरोपी की गिरफ्तारी से पता चलता है कि जांच में कई लोगों की भूमिका सामने आई है। हालांकि, सभी आरोपियों की भूमिका एक जैसी हो, यह जरूरी नहीं है। किसी पर पेपर उपलब्ध कराने, किसी पर उसे बेचने और किसी पर अभ्यर्थियों को परीक्षा में अनुचित लाभ दिलाने का आरोप हो सकता है।
जांच एजेंसियों के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि प्रश्नपत्र लीक होने की प्रक्रिया कहां से शुरू हुई और इसमें शामिल लोगों के बीच किस तरह संपर्क स्थापित किया गया था।
भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर सवाल
पेपर लीक के मामलों से मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को नुकसान होता है और भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना भी जरूरी है।
फिलहाल, सीनियर टीचर भर्ती पेपर लीक मामले में गिरफ्तार 70वें आरोपी से पूछताछ और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।