पाली निकाय चुनाव में 60 उम्मीदवारों ने वापस लिए नाम, अब भाजपा-कांग्रेस की रणनीति पर नजर
राजस्थान में होने वाले नगर निकाय चुनाव-2026 को लेकर पाली जिले में चुनावी हलचल तेज हो गई है। नामांकन वापसी के दौर में कई उम्मीदवारों ने चुनाव मैदान से हटने का फैसला किया है। पाली नगर निगम सहित जिले की नौ नगर पालिकाओं में कुल 60 प्रत्याशियों ने अपने नाम वापस ले लिए हैं।
जानकारी के अनुसार, पाली नगर निगम से 19 उम्मीदवारों ने नाम वापस लिया है। नाम वापसी की प्रक्रिया के बाद अब चुनावी मैदान में बचे प्रत्याशियों की तस्वीर धीरे-धीरे साफ होने लगी है। गुरुवार को नाम वापसी का अंतिम दिन है, जिसके बाद चुनावी मुकाबले की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
नाम वापसी के बाद अब भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दल अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं। दोनों पार्टियां अपने अधिकृत प्रत्याशियों के समर्थन में चुनाव प्रचार तेज करने की तैयारी कर रही हैं।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, निकाय चुनावों में बागी उम्मीदवारों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। टिकट नहीं मिलने से नाराज कई कार्यकर्ता निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला कर लेते हैं, जिससे प्रमुख दलों के प्रत्याशियों को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में पार्टियां नाराज नेताओं और कार्यकर्ताओं को मनाने में जुटी हुई हैं।
प्रशासन की ओर से भी चुनाव प्रक्रिया को लेकर तैयारियां जारी हैं। नाम वापसी पूरी होने के बाद प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। इसके बाद प्रचार अभियान और तेज होने की संभावना है।
पाली नगर निगम सहित जिले की नगर पालिकाओं में इस बार कई वार्डों में मुकाबला रोचक रहने के आसार हैं। भाजपा और कांग्रेस के अलावा निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनावी समीकरण प्रभावित कर सकते हैं।
अब सभी की नजर गुरुवार को खत्म होने वाली नाम वापसी प्रक्रिया पर टिकी हुई है। इसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कितने उम्मीदवार चुनावी मैदान में रहेंगे और किन वार्डों में सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा।