निकाय चुनाव आचार संहिता के बीच 6 IAS और 7 RAS अफसरों के तबादले, 3 APO अधिकारियों को मिली पोस्टिंग
राजस्थान में निकाय चुनाव की आचार संहिता के बीच राज्य सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया है। सरकार ने 6 IAS और 7 RAS अधिकारियों के तबादले किए हैं। इसके साथ ही APO चल रहे तीन IAS अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारी दी गई है।
सरकार की ओर से जारी तबादला सूची के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल बढ़ गई है। कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जबकि कुछ अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों से हटाकर दूसरी जगह भेजा गया है।
प्रज्ञा केवलरमानी का तबादला
तबादला सूची के अनुसार उदयपुर संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी को उनके वर्तमान पद से हटाकर टीएडी आयुक्त बनाया गया है। उनके स्थान पर नई नियुक्ति को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया की गई है।प्रज्ञा केवलरमानी का तबादला ऐसे समय हुआ है जब प्रदेश में निकाय चुनाव की प्रक्रिया चल रही है और आचार संहिता लागू है।
तीन APO IAS अधिकारियों को मिली पोस्टिंग
सरकार ने तीन ऐसे IAS अधिकारियों को भी पोस्टिंग दी है जो APO चल रहे थे। इनमें खजान सिंह का नाम भी शामिल है। उन्हें नई जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद प्रशासनिक कामकाज में उनकी भूमिका तय हो गई है।APO अधिकारियों को पोस्टिंग दिए जाने के साथ ही सरकार ने कई विभागों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों का पुनर्विन्यास किया है।
7 RAS अधिकारियों का भी तबादला
IAS अधिकारियों के साथ ही 7 RAS अधिकारियों को भी इधर से उधर किया गया है। इन अधिकारियों को अलग-अलग विभागों और पदों पर नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।तबादलों के जरिए प्रशासनिक कामकाज को व्यवस्थित करने और विभिन्न विभागों में अधिकारियों की जरूरत के अनुसार तैनाती करने की कोशिश की गई है।
आचार संहिता के बीच तबादले पर नजर
निकाय चुनाव की आचार संहिता के दौरान अधिकारियों के तबादले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है। चुनावी प्रक्रिया के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।ऐसे में तबादलों के बाद संबंधित विभागों और जिलों में नई जिम्मेदारियां संभालने वाले अधिकारियों की भूमिका पर भी नजर रहेगी।राज्य सरकार की ओर से जारी सूची में कुल 6 IAS और 7 RAS अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। वहीं तीन APO IAS अधिकारियों को पोस्टिंग दी गई है। उदयपुर संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी को टीएडी आयुक्त बनाए जाने के साथ ही प्रशासनिक स्तर पर यह फेरबदल चर्चा में आ गया है।