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मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में 3 घंटे में 3500KG मेहंदी खत्म:दिल्ली-चंडीगढ़ समेत कई शहरों से लेने पहुंचे लोग; भीड़ के कारण जगह-जगह लगा जाम

 

जयपुर के प्रसिद्ध मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिर परिसर में भगवान गणेश को अर्पित की जाने वाली विशेष मेहंदी लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। हालात ऐसे रहे कि महज तीन घंटे में करीब 3500 किलो मेहंदी खत्म हो गई। मेहंदी लेने के लिए जयपुर के अलावा दिल्ली, चंडीगढ़ और आसपास के कई शहरों से भी लोग पहुंचे।

सुबह से ही मंदिर के आसपास श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। लोगों में गणेशजी को अर्पित मेहंदी प्राप्त करने को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। जैसे-जैसे समय बढ़ा, मंदिर के बाहर और आसपास के इलाकों में भीड़ बढ़ती चली गई। बड़ी संख्या में लोगों के वाहनों से पहुंचने के कारण कई स्थानों पर यातायात भी प्रभावित हुआ और जाम की स्थिति बन गई।

बताया जा रहा है कि मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी के मौके पर मेहंदी को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आस्था है। यही वजह है कि हर साल बड़ी संख्या में लोग यहां मेहंदी लेने पहुंचते हैं। इस बार भी मेहंदी लेने वालों में जयपुर के साथ दूसरे राज्यों और शहरों के लोग शामिल रहे। दिल्ली और चंडीगढ़ से आए श्रद्धालुओं ने भी मंदिर पहुंचकर मेहंदी प्राप्त की।

मेहंदी खत्म होने की सूचना के बाद भी कई लोग मंदिर परिसर और आसपास इंतजार करते नजर आए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से भी व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने के कारण मंदिर के आसपास के प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ गया। कई जगह वाहनों की कतारें लग गईं और लोगों को जाम का सामना करना पड़ा।

मोतीडूंगरी गणेश मंदिर जयपुर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और गणेश चतुर्थी पर यहां विशेष आयोजन होते हैं। इस दौरान मंदिर में दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। गणेशजी के प्रति लोगों की आस्था और मेहंदी की विशेष मान्यता के कारण इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।

महज तीन घंटे में 3500 किलो मेहंदी का खत्म होना इस बात का अंदाजा देता है कि श्रद्धालुओं में इसे लेकर कितना उत्साह था। मंदिर प्रशासन और पुलिस के लिए भी इतनी बड़ी भीड़ को संभालना चुनौतीपूर्ण रहा। भारी भीड़ के कारण आसपास के बाजारों और प्रमुख सड़कों पर भी इसका असर दिखाई दिया। श्रद्धालुओं की भीड़ और वाहनों की संख्या बढ़ने से कई जगह यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।