300 साल पुराने त्रिपोलिया गेट का बदला शाही रूप, वीडियो में जाने राजस्थानी चित्रकारी से निखरी जयपुर की ऐतिहासिक विरासत
गुलाबी नगरी जयपुर की पहचान और राजसी विरासत के प्रतीक करीब 300 वर्ष पुराने त्रिपोलिया गेट को नए शाही अंदाज में संवारा गया है। ऐतिहासिक प्रवेश द्वार पर पारंपरिक राजस्थानी शैली की आकर्षक चित्रकारी की गई है, जिससे इसकी भव्यता और सांस्कृतिक गरिमा पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। लंबे समय से बंद यह ऐतिहासिक द्वार अब जल्द ही आमजन के लिए फिर से खोला जाएगा। त्रिपोलिया गेट के सौंदर्यीकरण और रिनोवेशन का कार्य जयपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य सवाई पद्मनाभ सिंह के निर्देशन में कराया गया है। इस कार्य का उद्देश्य ऐतिहासिक धरोहर को उसके मूल स्वरूप के साथ संरक्षित रखते हुए उसे नया आकर्षक रूप देना था।
उदयपोल की थीम पर की गई चित्रकारी
त्रिपोलिया गेट की नई सजावट के लिए सिटी पैलेस के प्रसिद्ध उदयपोल की थीम को आधार बनायागया है। गेट की दीवारों पर पारंपरिक राजस्थानी कला शैली में हाथ से सुंदर चित्रकारी की गई है, जिसमें राजस्थानी संस्कृति, शाही परंपराओं और स्थापत्य कला की झलक देखने को मिलती है।विशेष बात यह रही कि कलाकारों ने आधुनिक तकनीकों की बजाय पारंपरिक रंगों और हस्तनिर्मित चित्रकारी का उपयोग किया, ताकि ऐतिहासिक धरोहर की मौलिकता बरकरार रहे।
मूल स्वरूप को रखा गया सुरक्षित
रिनोवेशन के दौरान त्रिपोलिया गेट की मूल स्थापत्य शैली और ऐतिहासिक पहचान को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया। वर्षों पुरानी दीवारों की संरचना और बनावट को ध्यान में रखते हुए मरम्मत और रंग-रोगन का काम किया गया। विशेषज्ञ कलाकारों ने पारंपरिक तकनीकों से हाथों से चित्र उकेरे, जिससे गेट की ऐतिहासिक सुंदरता और अधिक निखरकर सामने आई है।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
राजस्थान पर्यटन विभाग जल्द ही इस ऐतिहासिक प्रवेश द्वार का औपचारिक उद्घाटन करेगा। माना जा रहा है कि त्रिपोलिया गेट के नए स्वरूप से जयपुर आने वाले देशी और विदेशी पर्यटकों को शहर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का और बेहतर अनुभव मिलेगा।पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि यह सौंदर्यीकरण जयपुर की ऐतिहासिक पहचान को और मजबूत करेगा तथा हेरिटेज टूरिज्म को भी नई गति देगा।
तीज की शाही सवारी का बनेगा साक्षी
नवनिर्मित त्रिपोलिया गेट से 15 और 16 अगस्त को निकलने वाली तीज माता की पारंपरिक शाही सवारी भी गुजरेगी। हर वर्ष आयोजित होने वाली यह शाही सवारी जयपुर की सबसे प्रमुख सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं में से एक मानी जाती है।ऐसे में इस बार श्रद्धालुओं और पर्यटकों को नए स्वरूप में सजे त्रिपोलिया गेट के बीच से गुजरती शाही सवारी देखने का अवसर मिलेगा। यह दृश्य न केवल जयपुर की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित करेगा, बल्कि शहर की ऐतिहासिक भव्यता और सांस्कृतिक पहचान को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।