36 मिनट में 5 करोड़ की 251 घड़ियां चोरी, जयपुर में RADO शोरूम से वारदात के बाद कहां भागे चोर? नेपाल तक कनेक्शन
वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह ने शोरूम के बाहर भी अपने कुछ साथियों को तैनात कर रखा था। पुलिस को आशंका है कि बाहर खड़े आरोपी आसपास की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे और किसी तरह की रुकावट आने पर अंदर मौजूद साथियों को अलर्ट करने की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इससे पुलिस को आशंका है कि वारदात की पूरी योजना पहले से तैयार की गई थी।
घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें गठित की हैं। पुलिस टीमों को अलग-अलग स्थानों पर भेजकर संदिग्धों की तलाश की जा रही है। इसके साथ ही शोरूम और आसपास के इलाके में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि वारदात में शामिल लोगों की पहचान की जा सके।
पुलिस का फोकस चोरी की गई महंगी घड़ियों की बरामदगी पर भी है। इसके लिए अलग-अलग संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी के बाद आरोपी घड़ियां लेकर किस दिशा में गए और इन्हें कहां छिपाया या बेचने की कोशिश की गई।
जांच एजेंसियां गिरोह के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और संभावित संपर्कों की भी जानकारी जुटा रही हैं। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद वारदात की पूरी साजिश और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों के बारे में अहम जानकारी सामने आ सकती है।