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2015 स्कूल व्याख्याता भर्ती वरिष्ठता विवाद पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, चयनित अभ्यर्थियों को मिली राहत

 

राजस्थान के सबसे बड़े शिक्षा विभाग में वर्ष 2015 की स्कूल व्याख्याता भर्ती से जुड़े लंबे समय से चल रहे वरिष्ठता विवाद पर राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर खंडपीठ ने बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायमूर्ति इन्द्रजीत सिंह और रवि चिरानिया की खंडपीठ ने 8 जुलाई को मामले में निर्णय सुनाते हुए विवाद का निपटारा किया।

हाईकोर्ट के इस फैसले से लंबे समय से वरिष्ठता को लेकर असमंजस में चल रहे स्कूल व्याख्याताओं को राहत मिली है। मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से भर्ती प्रक्रिया, नियुक्ति और वरिष्ठता निर्धारण को लेकर आपत्तियां उठाई गई थीं।

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2015 की स्कूल व्याख्याता भर्ती के बाद नियुक्त शिक्षकों की वरिष्ठता को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। कुछ अभ्यर्थियों का कहना था कि वरिष्ठता निर्धारण में उनके अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। इसके बाद मामला न्यायालय पहुंचा था।

हाईकोर्ट की खंडपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलों और संबंधित रिकॉर्ड का अध्ययन करने के बाद अपना फैसला सुनाया। कोर्ट के निर्णय के बाद अब शिक्षा विभाग में वरिष्ठता निर्धारण की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

इस मामले का असर बड़ी संख्या में स्कूल व्याख्याताओं पर पड़ रहा था, क्योंकि वरिष्ठता का सीधा संबंध पदोन्नति, सेवा लाभ और अन्य प्रशासनिक मामलों से जुड़ा होता है। ऐसे में हाईकोर्ट के फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

फैसले के बाद संबंधित शिक्षकों में खुशी का माहौल है। उनका कहना है कि लंबे समय से चले आ रहे विवाद के समाधान से उन्हें राहत मिली है और अब विभागीय प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

शिक्षा विभाग के लिए भी यह निर्णय अहम माना जा रहा है, क्योंकि वरिष्ठता से जुड़े मामलों के लंबित रहने के कारण प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे थे। अब विभाग को हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई करनी होगी।

राजस्थान हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद स्कूल व्याख्याता भर्ती-2015 से जुड़े वरिष्ठता विवाद का पटाक्षेप होने की उम्मीद है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि शिक्षा विभाग फैसले को किस तरह लागू करता है।