राजस्थान में 11,320 आंगनबाड़ी केंद्र किराए के भवनों में संचालित, जर्जर भवनों से शिफ्टिंग के निर्देश
राजस्थान में बाल विकास सेवाओं की मौजूदा स्थिति को लेकर एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है, जिसके अनुसार प्रदेश के 11,320 आंगनबाड़ी केंद्र अभी भी किराए के भवनों में संचालित हो रहे हैं। कई केंद्र ऐसे जर्जर भवनों में चल रहे हैं, जहां बच्चों और कार्यकर्ताओं के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
इस स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने अब इन केंद्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की दिशा में कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। डिप्टी मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जर्जर भवनों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों को प्राथमिकता के आधार पर नजदीकी सरकारी स्कूलों या सुरक्षित भवनों में स्थानांतरित किया जाए।
सरकारी स्तर पर माना जा रहा है कि आंगनबाड़ी केंद्रों का सुरक्षित और सुविधाजनक स्थानों पर संचालन बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रारंभिक विकास के लिए बेहद जरूरी है। वर्तमान में कई केंद्रों में बुनियादी ढांचे की कमी के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि भवनों की स्थिति का सर्वे कर जल्द से जल्द रिपोर्ट तैयार की जाए, ताकि उन केंद्रों को चिन्हित किया जा सके जिन्हें तत्काल शिफ्ट करने की आवश्यकता है।
इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि स्थानांतरण के दौरान बच्चों की पढ़ाई और पोषण सेवाएं बाधित न हों।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से आंगनबाड़ी व्यवस्था में सुधार आएगा और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
कुल मिलाकर, सरकार का यह निर्णय आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति सुधारने और बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।