चित्तौड़गढ़ में 108 एंबुलेंस बनी प्रसव का सहारा, रास्ते में गर्भवती महिला ने बच्चे को दिया जन्म
जिले में एक बार फिर 108 एंबुलेंस सेवा ने अपनी तत्परता से एक गर्भवती महिला और उसके नवजात की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। पारोली गांव से जिला अस्पताल ले जाई जा रही गर्भवती महिला को रास्ते में अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति गंभीर होने पर एंबुलेंस स्टाफ ने रास्ते में ही सुरक्षित प्रसव कराया।
अस्पताल पहुंचने से पहले बिगड़ी स्थिति
जानकारी के अनुसार, पारोली गांव की रहने वाली गर्भवती महिला को प्रसव के लिए 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में अचानक महिला को तेज लेबर पेन शुरू हो गया। प्रसव पीड़ा बढ़ने के बाद उसकी स्थिति ऐसी हो गई कि आगे अस्पताल तक सफर जारी रखना संभव नहीं था।
एंबुलेंस में कराया गया सुरक्षित प्रसव
हालात को देखते हुए एंबुलेंस में मौजूद मेडिकल स्टाफ ने तुरंत निर्णय लिया और वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोककर प्रसव की प्रक्रिया शुरू की। प्रशिक्षित कर्मचारियों की मदद से महिला ने एंबुलेंस में ही एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।
जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित
प्रसव के बाद मां और नवजात दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी जांच की। चिकित्सकों के अनुसार दोनों की हालत सामान्य बताई गई है। परिजनों ने समय पर मदद मिलने के लिए एंबुलेंस स्टाफ का आभार जताया।
108 एंबुलेंस सेवा की सराहना
ग्रामीण क्षेत्रों में आपात स्थिति के दौरान 108 एंबुलेंस सेवा अक्सर जीवनरक्षक साबित होती है। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ और त्वरित सेवा की मदद से मुश्किल परिस्थितियों में भी सुरक्षित प्रसव कराया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाने और प्रसव से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता लेने की अपील की जाती है।