मोहाली के होटल में महिला संचालिका से मारपीट का आरोप, CCTV आया सामने; चौकी इंचार्ज लाइन हाजिर
पंजाब के मोहाली जिले के जीरकपुर स्थित बलटाना इलाके में एक होटल संचालिका के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामले में आरोपी चौकी इंचार्ज को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है, जबकि पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है।
आरोप है कि होटल संचालिका से कथित तौर पर 'मंथली' रकम नहीं मिलने पर चौकी इंचार्ज ने होटल पहुंचकर उनके साथ मारपीट की। घटना 29 जुलाई की रात की बताई जा रही है। होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना रिकॉर्ड होने का दावा किया गया है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
होटल संचालिका ने बताया कि उनका होटल बलटाना क्षेत्र में स्थित है और वह पिछले तीन वर्षों से इसका संचालन कर रही थीं। उनके अनुसार, घटना वाली रात एक व्यक्ति होटल में आया और बिना किसी बातचीत के उनके साथ मारपीट करने लगा। बाद में उन्हें पता चला कि वह बलटाना थाने से जुड़ा पुलिस अधिकारी है।
संचालिका ने आरोप लगाया कि घटना से एक दिन पहले भी संबंधित अधिकारी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया था। उन्होंने कहा कि घटना के समय उनकी बहन होटल में सो रही थीं और अचानक हुए विवाद से माहौल तनावपूर्ण हो गया।
महिला का आरोप है कि संबंधित पुलिस अधिकारी उनसे हर महीने 20 हजार रुपये की मांग कर रहा था। उन्होंने कहा कि होटल का संचालन पहले जैसा नहीं चल रहा था, इसलिए वे कथित तौर पर मांगी जा रही रकम देने में असमर्थ थीं। उनका दावा है कि पैसे नहीं देने के कारण उनके साथ मारपीट की गई।
मामले के सामने आने के बाद मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) हरमनदीप सिंह हंस ने कहा कि पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए एएसपी गजलप्रीत कौर से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल आरोपी चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। वहीं, होटल संचालिका ने निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिस अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि रिपोर्ट में क्या तथ्य सामने आते हैं और विभाग आरोपी अधिकारी के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।