जंतर-मंतर आंदोलन पर VHP नेता मिलिंद परांडे का बयान, वीडियो में कहा- इसे छात्रों या Gen-Z का आंदोलन बताना सही नहीं
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के आंदोलन को लेकर विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आंदोलन में शामिल लोगों को लेकर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि ऐसे आंदोलन को केवल छात्रों या जेन-जी का आंदोलन बताना सही नहीं है।मिलिंद परांडे रविवार रात पठानकोट पहुंचे थे, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन में करीब 2,800 हिस्ट्रीशीटर, 60 हत्यारे और 100 से अधिक बलात्कार के आरोपी शामिल थे। हालांकि, उनके इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
VHP नेता ने कहा कि किसी भी आंदोलन की पहचान केवल युवाओं या छात्रों की भागीदारी से नहीं की जा सकती। यदि किसी आंदोलन में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग शामिल हैं तो उसके स्वरूप और उद्देश्य पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रदर्शन को छात्रों या जेन-जी का आंदोलन बताना वास्तविक स्थिति को नजरअंदाज करने जैसा है।पंजाब को लेकर भी मिलिंद परांडे ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि राज्य में गरीब सिखों का विदेशी फंडिंग के माध्यम से धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है और उन्हें ईसाई बनाने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर समाज और देश के लोगों से सजग रहने की अपील की।
उन्होंने कहा कि भारत का वास्तविक युवा जंतर-मंतर पर होने वाले आंदोलनों में नहीं, बल्कि धार्मिक स्थलों पर अपनी आस्था के साथ पहुंच रहा है। परांडे ने वैष्णो देवी, बूढ़ा अमरनाथ, कांवड़ यात्रा, अयप्पा मंदिर और स्वर्ण मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि बड़ी संख्या में युवा इन धार्मिक यात्राओं और स्थलों पर श्रद्धा के साथ पहुंच रहे हैं।मिलिंद परांडे ने देश में तुष्टिकरण की राजनीति को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इसी तरह की राजनीति के कारण भारत का विभाजन हुआ था और लाखों लोगों को विस्थापन का दर्द झेलना पड़ा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी परिस्थितियां दोबारा पैदा न हों, इसके लिए हर देशभक्त नागरिक को सतर्क रहने की जरूरत है।
उनका बयान ऐसे समय आया है जब दिल्ली में जंतर-मंतर पर होने वाले विभिन्न आंदोलनों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस जारी है। परांडे के बयानों के बाद आंदोलन में शामिल लोगों की पृष्ठभूमि और प्रदर्शन के स्वरूप को लेकर चर्चा और तेज हो सकती है।हालांकि, VHP नेता द्वारा लगाए गए आपराधिक पृष्ठभूमि और धर्मांतरण से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में इन दावों को लेकर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और आधिकारिक जांच की स्थिति महत्वपूर्ण होगी।