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पंजाब में BJP-अकाली दल गठबंधन की अटकलों पर लगा विराम, वीडियो में जाने 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी भाजपा

 

पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल के बीच गठबंधन की चर्चाओं पर भाजपा ने एक बार फिर विराम लगा दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने सोमवार को पटियाला में पार्टी नेताओं के साथ बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि भाजपा पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से चुनाव की तैयारियों में पूरी ताकत से जुटने का आह्वान किया।

बीएल संतोष ने बैठक में साफ कहा कि भाजपा का शिरोमणि अकाली दल के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा। उन्होंने पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने के निर्देश दिए। संतोष ने कहा कि भाजपा पंजाब में अपनी सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है और इसके लिए संगठन लगातार काम कर रहा है।

भाजपा के इस बयान के बाद पंजाब की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से चल रही गठबंधन की अटकलों को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल के बीच हाल ही में हुई मुलाकात के बाद दोनों दलों के फिर से करीब आने की चर्चाएं तेज हो गई थीं। राजनीतिक गलियारों में इसे संभावित गठबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत के तौर पर देखा जा रहा था।

इन अटकलों को उस समय और बल मिला जब अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने कुछ दिन पहले एक रैली के दौरान गठबंधन को लेकर संकेत दिए थे। इसके बाद पंजाब की राजनीति में भाजपा और अकाली दल के बीच पुराने रिश्ते फिर से बहाल होने की संभावनाओं को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी।

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हालांकि, भाजपा के शीर्ष संगठन से आए ताजा बयान ने फिलहाल इन चर्चाओं पर विराम लगा दिया है। बीएल संतोष ने नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया कि पार्टी को किसी सहयोगी के भरोसे रहने के बजाय अपने संगठन को मजबूत करते हुए चुनावी मैदान में उतरना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से घर-घर संपर्क बढ़ाने, स्थानीय मुद्दों को समझने और पार्टी की नीतियों को जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया।

गौरतलब है कि भाजपा और शिरोमणि अकाली दल लंबे समय तक पंजाब में सहयोगी रहे हैं। दोनों दलों ने कई चुनाव साथ मिलकर लड़े, लेकिन कृषि कानूनों को लेकर 2020 में दोनों के बीच गठबंधन टूट गया था। इसके बाद भाजपा ने पंजाब में अपने संगठन को स्वतंत्र रूप से मजबूत करने की रणनीति पर काम किया।

अब भाजपा की ओर से सभी 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने के संकेत से पार्टी की चुनावी रणनीति साफ होती नजर आ रही है। हालांकि, चुनाव नजदीक आने तक पंजाब की सियासत में नए राजनीतिक समीकरण बनने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल भाजपा नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं को अकेले चुनाव की तैयारी करने का स्पष्ट संदेश दे दिया है।