कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ संगरूर कोर्ट का वारंट, वीडियो में जाने बजरंग दल पर टिप्पणी से जुड़ा 2023 का मामला
पंजाब के संगरूर की एक अदालत ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ वारंट जारी करते हुए उन्हें अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है। इस कार्रवाई की जानकारी उनके वकील एडवोकेट ललित गर्ग ने दी। मामला वर्ष 2023 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान बजरंग दल को लेकर दिए गए कथित बयान से जुड़ा है।
2023 में दर्ज हुई थी शिकायत
जानकारी के मुताबिक, संगरूर निवासी हितेश भारद्वाज, जो खुद को बजरंग दल का सदस्य बताते हैं, ने वर्ष 2023 में मल्लिकार्जुन खड़गे खिलाफ अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान जारी कांग्रेस के घोषणापत्र में बजरंग दल पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं।शिकायतकर्ता का कहना है कि खड़गे ने बजरंग दल की तुलना प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से की थी और कांग्रेस की सरकार बनने पर बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की बात कही थी। शिकायत के अनुसार, इन बयानों से संगठन की छवि को नुकसान पहुंचा और उसकी भावनाएं आहत हुईं।
सिविल से आपराधिक प्रकृति का हुआ मामला
एडवोकेट ललित गर्ग के अनुसार, शुरुआत में यह मामला सिविल प्रकृति का था, जिसमें मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से वकील अदालत में पेश होते रहे। हालांकि, अब अदालत ने मामले को आपराधिक प्रकृति का मानते हुए खड़गे की व्यक्तिगत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए वारंट जारी किया है।
पेश नहीं हुए तो बढ़ सकती हैं कानूनी मुश्किलें
कानूनी जानकारों के अनुसार, यदि मल्लिकार्जुन खड़गे निर्धारित तारीख पर अदालत में पेश नहीं होते हैं, तो अदालत उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी करने पर भी विचार कर सकती है। हालांकि, आगे की कार्रवाई अदालत में उनकी उपस्थिति और मामले की सुनवाई पर निर्भर करेगी।
राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
अदालत के इस आदेश के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। यह मामला कांग्रेस के कर्नाटक विधानसभा चुनाव के घोषणापत्र में बजरंग दल को लेकर की गई टिप्पणियों से जुड़ा है, जिस पर उस समय भी राजनीतिक विवाद हुआ था। अब संगरूर कोर्ट की कार्रवाई के बाद इस मामले ने नया कानूनी मोड़ ले लिया है।