पंजाब बंद का असर: परविंदर झोटा की हत्या के विरोध में बाजार बंद, वीडियो में जाने किसानों ने हाईवे जाम किए; SHO सस्पेंड
पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की हत्या के विरोध में 15 अक्टूबर को पंजाब बंद का आह्वान किया गया। बंद का असर राज्य के कई जिलों में देखने को मिला। लुधियाना, पठानकोट, गुरदासपुर, बठिंडा, मानसा और जालंधर में निजी स्कूल-कॉलेज बंद रहे। कई स्थानों पर बाजार भी बंद रखे गए। किसान संगठनों ने प्रदर्शन करते हुए चंडीगढ़ जाने वाले नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। वहीं, अलग-अलग जिलों में किसान नेताओं को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई है।
इस बीच मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) वैभव चौधरी ने मानसा सिटी थाना नंबर-2 की थाना प्रभारी (SHO) बेअंत कौर को सस्पेंड कर दिया है। इसके अलावा DSP हरजिंदर सिंह गिल के खिलाफ जांच की सिफारिश पुलिस महानिदेशक (DGP) कार्यालय को भेजी गई है। परविंदर झोटा के परिवार ने हत्या की CBI जांच की मांग की है और उनके पिता ने शव लेने से इनकार कर दिया है।
कई जिलों में बाजार और निजी शिक्षण संस्थान बंद
परविंदर झोटा की हत्या के विरोध में बुलाए गए पंजाब बंद का असर कई शहरों में दिखाई दिया। लुधियाना, पठानकोट, गुरदासपुर, बठिंडा, मानसा और जालंधर में निजी स्कूल-कॉलेज बंद रहे। सरकारी स्कूलों में छुट्टी घोषित नहीं की गई थी, लेकिन कई जगह विद्यार्थियों की उपस्थिति नहीं के बराबर रही।विभिन्न जिलों में बाजार बंद रहने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। बंद के समर्थकों ने नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा और परविंदर झोटा हत्याकांड की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। हालांकि, अलग-अलग इलाकों में बंद का असर कितना व्यापक रहा, इसकी जिलेवार आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
किसानों ने नेशनल हाईवे पर लगाया जाम
बंद के समर्थन में किसान संगठनों ने भी प्रदर्शन किया। जानकारी के अनुसार, लुधियाना, बठिंडा और मोहाली से चंडीगढ़ जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर जाम लगाया गया। इससे यातायात प्रभावित हुआ और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।प्रदर्शन के दौरान जालंधर, बठिंडा और फरीदकोट में किसान नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। इन कार्रवाइयों को लेकर किसान संगठनों की प्रतिक्रिया और आगे की रणनीति पर भी नजर बनी हुई है। बंद के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से कदम उठाए गए।
SHO सस्पेंड, DSP के खिलाफ जांच की सिफारिश
परविंदर झोटा की हत्या के बाद मानसा पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई की है। SSP वैभव चौधरी ने मानसा सिटी थाना नंबर-2 की SHO बेअंत कौर को सस्पेंड कर दिया। वहीं, DSP हरजिंदर सिंह गिल के खिलाफ जांच कराने के लिए DGP कार्यालय को सिफारिश भेजी गई है।हालांकि, SHO को निलंबित करने और DSP के खिलाफ जांच की सिफारिश किए जाने के पीछे के विस्तृत कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी स्पष्ट होना जरूरी है। जांच के बाद ही संबंधित अधिकारियों की भूमिका और जिम्मेदारी के बारे में स्थिति साफ हो सकेगी।
नशे का विरोध करने पर हत्या का आरोप
जानकारी के मुताबिक, मानसा में 13 अक्टूबर को परविंदर झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि उन्होंने नशा बेचने का विरोध किया था, जिसके बाद मेडिकल स्टोर संचालक अश्विनी कुमार ने उन्हें गोली मार दी। इस घटना ने इलाके में आक्रोश पैदा कर दिया और हत्या के विरोध में पंजाब बंद का आह्वान किया गया।इस मामले में आरोपों की पुष्टि और घटनाक्रम की पूरी जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल, हत्या को लेकर परिवार और समर्थक सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पिता ने शव लेने से किया इनकार, CBI जांच की मांग
परविंदर झोटा के पिता भीम सिंह ने अपने बेटे का शव लेने से इनकार कर दिया है। उन्होंने मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग उठाई है। परिवार चाहता है कि हत्या से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।पंजाब बंद के दौरान उठी मांगों और पुलिस प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब मामले की जांच पर सबकी नजरें टिकी हैं। परिवार की मांग है कि उन्हें न्याय मिले और नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।