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चंडीगढ़ में बड़ा हादसा: इंडस्ट्रियल एरिया में दो मंजिला इमारत ढही, 2 की मौत; 5 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

 

चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में शनिवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया, जब एक दो मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस व प्रशासन को सूचना दी। मौके पर पुलिस, दमकल विभाग, एंबुलेंस और बाद में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम पहुंची। करीब पांच घंटे तक चले राहत एवं बचाव अभियान के बाद मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम के समय अचानक तेज आवाज के साथ पूरी इमारत धराशायी हो गई। घटना इतनी अचानक हुई कि अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका। इमारत गिरते ही आसपास धूल का गुबार फैल गया और लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। स्थानीय नागरिकों ने शुरुआती स्तर पर अपने स्तर पर बचाव कार्य शुरू किया, जिसके बाद राहत एजेंसियों ने मोर्चा संभाल लिया।

सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया। बचावकर्मियों ने अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया। रेस्क्यू ऑपरेशन लगभग पांच घंटे तक लगातार चलता रहा। इस दौरान मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।

अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच घायल हुए हैं। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है और डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। कुछ घायलों को गंभीर चोटें आई हैं, जिनका विशेष उपचार किया जा रहा है।

हादसे के बाद प्रशासन ने पूरे इलाके को घेर लिया ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही इमारत गिरने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच भी शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक आशंका है कि भवन की संरचना कमजोर होने या निर्माण संबंधी खामी के कारण यह हादसा हुआ हो सकता है। हालांकि वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

प्रशासन ने बताया कि यदि जांच में निर्माण में लापरवाही, नियमों की अनदेखी या अन्य किसी प्रकार की जिम्मेदारी सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आसपास की पुरानी और जर्जर इमारतों की भी जांच कराने की तैयारी की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

इस हादसे ने एक बार फिर इमारतों की सुरक्षा और नियमित संरचनात्मक जांच की आवश्यकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि पुराने भवनों का समय-समय पर सुरक्षा ऑडिट कराया जाए, ताकि किसी और परिवार को इस तरह की त्रासदी का सामना न करना पड़े। फिलहाल प्रशासन राहत कार्य पूरा कर मामले की विस्तृत जांच में जुटा हुआ है।