कपूरथला में अवैध शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़: वीडियो में जाने बेडरूम के फर्श के नीचे मिली 8 फीट गहरी टंकी, 270 लीटर जहरीली शराब बरामद
पंजाब के कपूरथला जिले में आबकारी विभाग और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध शराब के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान एक मकान के बेडरूम के फर्श के नीचे बनाई गई गुप्त टंकी से बड़ी मात्रा में अवैध शराब और शराब बनाने के उपकरण बरामद किए गए। इस पूरे ऑपरेशन ने अवैध शराब तस्करों के हाईटेक तरीके का खुलासा कर दिया।
फर्श तोड़ने पर मिला 8 फीट नीचे बना गुप्त तहखाना
पुलिस और आबकारी विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि मकान के भीतर अवैध शराब का भंडारण किया जा रहा है। इसके बाद संयुक्त टीम ने छापेमारी शुरू की। जब मकान के बेडरूम का फर्श तोड़ा गया तो करीब 8 फीट नीचे लगभग 1000 लीटर क्षमता की एक बड़ी टंकी मिली, जिसमें स्पिरिट से तैयार अवैध शराब छिपाकर रखी जाती थी। टंकी को बाहर निकालने के लिए पुलिस को खुदाई करानी पड़ी। यह पूरा अभियान करीब 18 घंटे तक चला, जिसके बाद टंकी और उसमें छिपाई गई शराब को बाहर निकाला गया।
टुल्लू पंप से होती थी शराब की सप्लाई
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने शराब की सप्लाई के लिए बेहद सुनियोजित व्यवस्था बनाई थी। टंकी को टुल्लू पंप और पाइपलाइन सिस्टम से जोड़ा गया था। जरूरत पड़ने पर पंप की मदद से शराब निकालकर अलग-अलग स्थानों पर सप्लाई की जाती थी, जिससे किसी को संदेह न हो।छापेमारी के दौरान पुलिस ने 270 लीटर अवैध शराब के अलावा शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण भी जब्त किए हैं।
एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरार
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका एक साथी मौके से फरार हो गया। फरार आरोपी की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
स्पिरिट से बनी शराब जानलेवा
आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर जतिंदर पाल सिंह ने बताया कि बरामद टंकी में स्पिरिट से तैयार अवैध शराब स्टोर की जाती थी। उन्होंने कहा कि इस तरह की शराब किसी भी निर्धारित गुणवत्ता मानक (पैरामीटर) पर तैयार नहीं की जाती, इसलिए इसे जहरीली शराब माना जाता है।उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी शराब का सेवन लोगों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक है और कई मामलों में यह जानलेवा भी साबित हो सकती है।
नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस और आबकारी विभाग अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि अवैध शराब की सप्लाई किन-किन इलाकों में की जाती थी और इस पूरे कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की क्या भूमिका थी। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।इस कार्रवाई को जिले में अवैध शराब के खिलाफ अब तक की बड़ी सफलताओं में से एक माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि ऐसे अवैध कारोबार के खिलाफ भविष्य में भी सख्त अभियान जारी रहेगा।