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पंजाब में वोटर लिस्ट से नाम कटा तो सरकारी योजनाओं का लाभ हो सकता है प्रभावित, वीडियो में जाने SIR को लेकर सरकार की अपील

 

पंजाब में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बीच वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने को लेकर सरकार ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। राज्य सरकार के कई कल्याणकारी कार्यक्रमों में वोटर आईडी को आवश्यक या महत्वपूर्ण दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हट जाता है, तो उसे कुछ सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

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जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार की कुछ प्रमुख योजनाओं में वोटर आईडी अनिवार्य दस्तावेज के रूप में मांगी जाती है। इनमें 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की योजना और महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की वित्तीय सहायता जैसी योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा सात अन्य सरकारी योजनाओं में वोटर कार्ड वैकल्पिक दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाता है, हालांकि कई मामलों में इसे प्राथमिक पहचान पत्र के तौर पर भी मांगा जाता है।

SIR के दौरान कट रहे हैं कुछ नाम

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन कर रहे हैं। इसी दौरान एक बीएलओ ने दावा किया कि कई ऐसे मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, जिन्होंने अपने मूल राज्य में पहले ही मतदाता के रूप में पंजीकरण करा लिया है।चुनाव नियमों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति एक समय में केवल एक ही स्थान की मतदाता सूची में पंजीकृत रह सकता है। यदि किसी मतदाता का नाम दूसरे राज्य की सूची में दर्ज पाया जाता है, तो पहले वाले स्थान की सूची से उसका नाम हटाया जा सकता है।

सरकार ने वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने की अपील की

मुख्यमंत्री भगवंत मान के बाद अब पंजाब सरकार के मंत्री अमन अरोड़ा ने भी लोगों से अपील की है कि वे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के दौरान अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य दर्ज कराएं।उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम होने से नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा मिलती है। इसलिए सभी पात्र नागरिक समय रहते अपने दस्तावेजों का सत्यापन कराएं और यदि नाम सूची में नहीं है तो उसे जुड़वाने की प्रक्रिया पूरी करें।

समय रहते करें सत्यापन

प्रशासन की ओर से भी लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांच लें। यदि किसी कारणवश नाम हट गया है या दर्ज नहीं है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर उसे दोबारा शामिल कराया जा सकता है।विशेषज्ञों का कहना है कि मतदाता सूची में नाम होना न केवल मतदान के अधिकार के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि कई सरकारी योजनाओं और पहचान संबंधी प्रक्रियाओं में भी इसका उपयोग किया जाता है। ऐसे में नागरिकों को समय रहते अपने रिकॉर्ड की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।