OTT से हटने के बाद गुरुद्वारों में दिखाई जाएगी दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’, वीडियो में देंखे केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू ने साधा निशाना
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर नया घटनाक्रम सामने आया है। ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद अब इस फिल्म की स्क्रीनिंग पंजाब के विभिन्न गुरुद्वारों में नि:शुल्क की जा रही है। फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और पंजाब में आतंकवाद के दौर के घटनाक्रम पर आधारित बताई जा रही है। फिल्म की स्क्रीनिंग की शुरुआत गुरदासपुर जिले से हो चुकी है। वहीं, इस मुद्दे पर केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने दिलजीत दोसांझ पर तीखा हमला बोलते हुए फिल्म को लेकर कई सवाल उठाए हैं।
गुरुद्वारों में शुरू हुई फिल्म की स्क्रीनिंग
जानकारी के अनुसार, गुरदासपुर के गांव मानचोपड़ा स्थित गुरुद्वारा साहिब में सबसे पहले फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इसके लिए गुरुद्वारे से घोषणा कर ग्रामीणों को फिल्म देखने के लिए आमंत्रित किया गया।इसके अलावा मोगा के एक गुरुद्वारे में भी फिल्म दिखाई गई। आयोजकों ने अब पठानकोट के दो प्रमुख गुरुद्वारों—गुरुद्वारा सिंह सभा, मॉडल टाउन और गुरुद्वारा सिंह सभा सेंट्रल (रानीपुर)—में बुधवार और गुरुवार को फिल्म की स्क्रीनिंग का ऐलान किया है।
जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है फिल्म
बताया जा रहा है कि ‘सतलुज’ मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है। फिल्म में पंजाब में आतंकवाद के दौर के दौरान कथित फर्जी मुठभेड़ों और उस समय की परिस्थितियों को दिखाने का प्रयास किया गया है।फिल्म के विषय को लेकर पहले से ही अलग-अलग स्तर पर चर्चा और विवाद बना हुआ है।
रवनीत सिंह बिट्टू का तीखा बयान
इस बीच केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने फिल्म और दिलजीत दोसांझ को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फिल्म सिख पंथ या पंजाब की सेवा के उद्देश्य से नहीं बनाई गई, बल्कि करोड़ों रुपये कमाने और प्रचार हासिल करने की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।बिट्टू ने अपने बयान में कहा कि जो व्यक्ति पैसों के लिए 1984 के दोषियों के पैर छूता है, वह आज पंजाब के दर्द को बेचने की कोशिश कर रहा है। उनका यह बयान राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
फिल्म को लेकर जारी है बहस
ओटीटी से हटने के बाद गुरुद्वारों में फिल्म की स्क्रीनिंग और केंद्रीय मंत्री के बयान के बाद ‘सतलुज’ एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। जहां एक ओर कुछ लोग फिल्म को ऐतिहासिक घटनाओं को सामने लाने का प्रयास बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इसके उद्देश्य और प्रस्तुति को लेकर सवाल भी उठाए जा रहे हैं।फिलहाल, फिल्म की स्क्रीनिंग का सिलसिला पंजाब के विभिन्न जिलों में जारी है और इसे लेकर राजनीतिक तथा सामाजिक स्तर पर बहस तेज होती दिखाई दे रही है।