पंजाब के स्कूलों में CJP का 'ऑडिट', गर्ल्स टॉयलेट में नहीं मिले दरवाजे; वीडियो में केजरीवाल ने कहा- कमियां बताने के लिए धन्यवाद
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की टीम ने पहली बार पंजाब के सरकारी स्कूलों का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। CJP प्रवक्ता सौरव दास के नेतृत्व में टीम ने लुधियाना के तीन स्कूलों का निरीक्षण किया। टीम के मुताबिक, इनमें से दो स्कूल शहर के टॉप स्कूलों में शामिल हैं और वहां निरीक्षण के दौरान कोई बड़ी खामी नहीं मिली। वहीं तीसरे स्कूल में टॉयलेट की व्यवस्था खराब मिली। टीम ने दावा किया कि गर्ल्स टॉयलेट में दरवाजे तक नहीं थे।इस पूरे निरीक्षण का वीडियो CJP प्रवक्ता सौरव दास ने गुरुवार शाम सोशल मीडिया पर शेयर किया। वीडियो के जरिए उन्होंने स्कूलों में मिली कमियों को सामने रखा और बताया कि इसकी ऑडिट रिपोर्ट पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस को सौंप दी गई है।
तीन स्कूलों में पहुंची CJP की टीम
CJP की टीम ने लुधियाना के तीन स्कूलों का दौरा किया। सौरव दास के मुताबिक, दो स्कूलों में उन्हें किसी तरह की बड़ी कमी नजर नहीं आई। इन स्कूलों की व्यवस्थाओं को लेकर टीम ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।हालांकि, तीसरे स्कूल में स्थिति अलग मिली। टीम के अनुसार यहां टॉयलेट की हालत ठीक नहीं थी। खास तौर पर गर्ल्स टॉयलेट में दरवाजे नहीं होने की बात सामने आई। स्कूल जैसी जगह पर छात्राओं के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाओं को लेकर इस निरीक्षण ने सवाल खड़े किए हैं।
ऑडिट रिपोर्ट शिक्षा मंत्री को सौंपी
सौरव दास ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में बताया कि स्कूलों के निरीक्षण के बाद तैयार की गई ऑडिट रिपोर्ट शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस को दी गई है। CJP की ओर से उम्मीद जताई गई कि सामने आई कमियों पर संबंधित विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी।इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की प्रतिक्रिया को लेकर हुई। सौरव दास की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने लिखा कि कमियों की ओर ध्यान दिलाने के लिए धन्यवाद और कहा कि इनका तुरंत समाधान किया जाएगा।
अभिजीत दीपके ने BJP पर साधा निशाना
CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने भी सौरव दास के स्कूल ऑडिट को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि सौरव ने पंजाब के स्कूलों का दौरा किया, कमियों को उजागर किया और शिक्षा मंत्री ने उनसे मुलाकात कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।उन्होंने कर्नाटक का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी CJP की टीम के सदस्य आशु ने स्कूलों का निरीक्षण किया था और शिक्षा मंत्री ने उनसे मुलाकात कर कार्रवाई का भरोसा दिया था।
‘भाजपा शासित राज्यों में जवाबदेही से डर क्यों?’
अभिजीत दीपके ने इसी पोस्ट में भाजपा शासित राज्यों को लेकर राजनीतिक सवाल भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उनकी टीम भाजपा शासित राज्यों में स्कूलों की खराब स्थिति को उजागर करती है तो टीम के पीछे कथित तौर पर गुंडे भेजे जाते हैं।उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा जवाबदेही से इतनी क्यों डरती है और भाजपा शिक्षा के खिलाफ क्यों है।पंजाब में CJP के इस स्कूल ऑडिट के बाद अब शिक्षा व्यवस्था, स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं और राजनीतिक दलों की जवाबदेही को लेकर बहस तेज होने के आसार हैं। वहीं, सामने आई कमियों पर सरकार की ओर से कार्रवाई और उसके परिणाम पर भी नजर रहेगी।