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पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष पर बिट्टू का हमला, बोले- वफादार कार्यकर्ता करते रह गए इंतजार

 

पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने पूर्व ओलंपियन और जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। उन्होंने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह ली है। इस फैसले के बाद बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने कांग्रेस हाईकमान पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी में लंबे समय से काम कर रहे वफादार नेताओं और कार्यकर्ताओं को उनकी बारी का इंतजार ही करना पड़ता है।

बिट्टू ने कांग्रेस के संगठनात्मक फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी के इतिहास को देखें तो कई मौकों पर चुनावों के आसपास ऐसे नेताओं को आगे बढ़ाया गया, जिनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि कांग्रेस के पारंपरिक संगठन से अलग रही है। उनके मुताबिक, दूसरी ओर वर्षों से पार्टी के लिए जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ता और नेता अपनी बारी का इंतजार करते रह जाते हैं।

'वफादारी का सम्मान नहीं'

रवनीत सिंह बिट्टू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस हाईकमान पार्टी के पुराने और वफादार कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं के बजाय राजनीतिक परिस्थितियों और गुटों को संभालने के हिसाब से फैसले करता है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से पार्टी को मजबूत करने वाले नेताओं को सम्मान और जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद रहती है, लेकिन कई बार उन्हें नजरअंदाज किया जाता है। ये बिट्टू के राजनीतिक आरोप हैं, जिन पर कांग्रेस की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

बीजेपी नेता ने अपने कांग्रेस में रहने के समय का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी की कार्यशैली को पहले ही समझ लिया था और इसी वजह से समय रहते अपना राजनीतिक रास्ता बदलने का फैसला किया। बिट्टू ने कांग्रेस के वफादार नेताओं और कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें अपनी स्थिति और भविष्य को लेकर फैसला लेने में संकोच नहीं करना चाहिए।

परगट सिंह को मिली पंजाब कांग्रेस की कमान

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 2 अक्टूबर को परगट सिंह को तत्काल प्रभाव से पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया। परगट सिंह पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान और ओलंपियन रह चुके हैं। वह जालंधर कैंट से विधायक हैं और पंजाब सरकार में खेल एवं शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।

परगट सिंह की नियुक्ति राजा वड़िंग के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफे के बाद हुई है। वड़िंग ने करीब चार साल से अधिक समय तक पंजाब कांग्रेस की कमान संभाली थी। उनका इस्तीफा देने और नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

वड़िंग ने भी दिया पलटवार

बिट्टू के बयान पर राजा वड़िंग ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने खुद को कांग्रेस के प्रति वफादार बताते हुए बिट्टू के 'यूज एंड थ्रो' वाले आरोपों को खारिज किया। वड़िंग ने कहा कि पद बदलने से कांग्रेस के साथ उनका संबंध नहीं बदला है और उन्होंने पार्टी नेतृत्व के प्रति अपनी निष्ठा जताई। दोनों नेताओं के बयानों के बाद पंजाब की राजनीति में यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है।

पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के संगठन में हुआ यह बदलाव राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल नए प्रदेश अध्यक्ष के सामने पार्टी संगठन को लेकर कई चुनौतियां हैं, जबकि विपक्षी दल कांग्रेस के फैसलों और अंदरूनी राजनीति पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।