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पंजाब में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या, फुटेज में देंखे मेडिकल स्टोर संचालक पर आरोप; 4 साथी भी घायल

 

पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की मंगलवार सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के दौरान झोटा के चार साथी भी गोली लगने से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि झोटा एक मेडिकल स्टोर पर पहुंचे थे, जहां दवाओं की आड़ में नशीले पदार्थ बेचने का आरोप लगाते हुए उनकी दुकानदार से बहस हो गई। इसी दौरान गोलीबारी हुई। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और झोटा के समर्थकों तथा परिजनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

फेसबुक लाइव के दौरान मेडिकल स्टोर पहुंचे थे झोटा

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जानकारी के मुताबिक, परविंदर सिंह झोटा मंगलवार सुबह फेसबुक पर लाइव आए थे। इसके बाद वह अपने साथियों के साथ एक मेडिकल स्टोर पर पहुंचे। झोटा का आरोप था कि मेडिकल स्टोर संचालक अश्विनी दवा के नाम पर नशे का सामान बेच रहा है। इसी मुद्दे को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।आरोप है कि बहस के दौरान अश्विनी ने झोटा पर तीन गोलियां चला दीं। इस गोलीबारी में झोटा के चार साथी भी घायल हो गए। घटना के बाद साथी उन्हें अस्पताल ले जाने लगे, तभी मेडिकल स्टोर संचालक हाथ में पिस्टल लेकर उनके पीछे दौड़ा। कुछ देर बाद आरोपी दुकान बंद कर वहां से फरार हो गया।

2023 से चल रही थी दोनों के बीच रंजिश

पुलिस के मुताबिक, परविंदर सिंह झोटा और मेडिकल स्टोर संचालक के बीच पहले से विवाद चल रहा था। वर्ष 2023 में झोटा ने नशा बेचने के आरोप में इसी दुकानदार के गले में जूतों की माला पहनाकर उसे घुमाया था। पुलिस के अनुसार, इसी घटना के बाद दोनों के बीच रंजिश बढ़ गई थी।हालांकि, मौजूदा घटना में गोलीबारी की पूरी परिस्थितियों और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है।

समर्थकों ने किया प्रदर्शन, मानसा बंद का ऐलान

झोटा की हत्या की खबर फैलते ही उनके परिजन और समर्थक मानसा सिविल अस्पताल के बाहर जमा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने घटना को लेकर नाराजगी जताई और मानसा शहर बंद करने का ऐलान किया। उन्होंने अंतिम संस्कार करने से इनकार करते हुए झोटा का शव सौंपने की मांग भी उठाई।प्रदर्शन के दौरान गुस्साए लोगों ने आरोपी के मेडिकल स्टोर में तोड़फोड़ कर दी। स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई। शव को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भी तनाव की स्थिति बनी रही।

SSP बोले- आरोपी की तलाश जारी

मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी ने बताया कि आरोपी की तलाश की जा रही है। पुलिस ने आरोपी के परिवार के सदस्यों को भी हिरासत में लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और गोलीबारी से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है।घटना के बाद पंजाब सरकार भी सक्रिय हो गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सभी जिलों के उपायुक्तों (DC) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (SSP) की उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। बैठक में राज्य की कानून-व्यवस्था और नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

ड्रग्स के खिलाफ अभियान के बीच हत्या

30 सितंबर 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जालंधर में एक रैली के दौरान पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए 31 दिसंबर 2029 की समयसीमा तय करने की घोषणा की थी। इसके करीब 13 दिन बाद नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता की हत्या की घटना सामने आई है।इस घटना ने पंजाब में नशे के कारोबार और उसके खिलाफ अभियान चलाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद घटना के पीछे की परिस्थितियों के बारे में अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।