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जूतों की दुकान की आड़ में ISI के लिए जासूसी का आरोप, CCTV की लाइव फीड पाकिस्तान भेजने वाला युवक गिरफ्तार

 

पंजाब के लुधियाना में पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े हैंडलरों के लिए कथित तौर पर जासूसी करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की उम्र करीब 20 से 22 साल बताई जा रही है और वह बाजार में जूतों की दुकान चलाता था। पुलिस का दावा है कि दुकान की आड़ में वह लुधियाना-फिरोजपुर रोड और आसपास के इलाकों की गतिविधियों पर नजर रख रहा था। 

जूतों की दुकान के बाहर लगाए CCTV कैमरे

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पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने करीब दो महीने पहले लुधिया-फिरोजपुर रोड पर एक दुकान किराए पर ली थी। उसने वहां जूतों का कारोबार शुरू किया, लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि उसका ध्यान दुकान चलाने से ज्यादा CCTV कैमरे लगाने पर था।पुलिस का आरोप है कि दुकान के बाहर करीब चार CCTV कैमरे लगाए गए थे। इन कैमरों का एंगल ऐसी जगह रखा गया था, जहां से सड़क और आसपास के महत्वपूर्ण इलाकों की गतिविधियां देखी जा सकती थीं।

पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों को दी लाइव फीड

जांच में पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि CCTV कैमरों की लाइव फीड तक पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों की पहुंच थी। आरोपी ने कथित तौर पर कैमरों की यूजर आईडी और पासवर्ड साझा किए थे।पुलिस अब यह जांच कर रही है कि कैमरों से किस तरह की जानकारी लगातार पाकिस्तान भेजी जा रही थी और इस नेटवर्क में आरोपी के अलावा कौन-कौन लोग शामिल थे। मोबाइल फोन, कैमरा सिस्टम, स्टोरेज डिवाइस और डिजिटल कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।

सेना की गतिविधियों पर नजर रखने का शक

इस मामले को सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से देख रही हैं, क्योंकि कैमरों की लोकेशन सैन्य गतिविधियों वाले इलाके के नजदीक बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, दुकान बद्दोवाल कैंटोनमेंट से करीब छह किलोमीटर की दूरी पर थी।पुलिस को शक है कि CCTV के जरिए भारतीय सेना के वाहनों की आवाजाही और आसपास की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। हालांकि जांच एजेंसियां अभी यह पता लगाने में जुटी हैं कि वास्तव में कौन-सी संवेदनशील जानकारी साझा की गई।

ढाई से तीन लाख रुपये मिलने का दावा

पुलिस जांच में कथित तौर पर यह भी सामने आया है कि आरोपी को CCTV से जुड़ी गतिविधियों के बदले करीब ढाई से तीन लाख रुपये मिलने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियां पैसों के लेनदेन और आरोपी के बैंक खातों से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाल रही हैं।

पहले से नेटवर्क से जुड़े होने का शक

जांच में आरोपी के संपर्कों को लेकर भी अहम जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, उसका संपर्क एक ऐसे व्यक्ति के जरिए जेल में बंद कथित नशा तस्कर तक पहुंचा था, जिसके पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों से संबंध होने का शक है।अब एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी को जासूसी के लिए किसने तैयार किया और पाकिस्तान में बैठे लोगों से उसका संपर्क कैसे हुआ।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ Official Secrets Act, 1923 की धाराओं और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।यह मामला पंजाब में सामने आए ऐसे हालिया मामलों की कड़ी में जुड़ गया है, जिनमें CCTV कैमरों के जरिए संवेदनशील इलाकों की निगरानी और पाकिस्तान तक लाइव फीड पहुंचाने के आरोप सामने आए हैं। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन घटनाओं के पीछे एक ही नेटवर्क काम कर रहा है या अलग-अलग मॉड्यूल सक्रिय हैं।