जम्मू-कश्मीर में बारिश का रौद्र रूप, सब कुछ बहा ले गई बाढ़; 23 लोगों की मौत से मचा हाहाकार
जम्मू-कश्मीर में कुदरत का कहर बरपा है। मंगलवार को पूरे इलाके में हुई मूसलाधार बारिश से भारी तबाही मची। अचानक आई बाढ़ और जलभराव के कारण नदियाँ और नहरें खतरनाक स्तर तक बढ़ गईं, जिससे दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान और खड़ी गाड़ियाँ पानी में डूब गईं। घरों में पानी घुसने और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस भारी तबाही के डरावने वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहे हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बारिश और भूस्खलन के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं। रविवार से लगातार हो रही बारिश के कारण पुंछ, राजौरी और डोडा जिलों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 23 लोगों की दुखद मौत हो गई है, जबकि सात अन्य लापता हैं। कठुआ जिले में, बाढ़ वाली नदी के बीच फंसे दो लोगों को आपदा प्रबंधन टीमों और स्थानीय पुलिस ने सफलतापूर्वक बचा लिया। जम्मू संभाग के बाढ़ प्रभावित इलाकों से सैकड़ों लोगों को निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। प्रशासन और आपदा प्रतिक्रिया टीमें (SDRF/NDRF) चौबीसों घंटे स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं।
**बडगाम में दुकानें बहीं; कश्मीर घाटी में नदियों में उफान**
बारिश का असर जम्मू संभाग और कश्मीर घाटी दोनों जगहों पर बड़े पैमाने पर महसूस किया जा रहा है। मंगलवार को बडगाम जिले में भारी बारिश के कारण स्थानीय जलधाराओं के जलस्तर में अचानक और भारी वृद्धि हुई, जिससे उनके किनारे स्थित कई दुकानें पानी में डूब गईं। कश्मीर घाटी के अधिकांश हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हुई, जिससे झेलम सहित सभी प्रमुख नदियों, जलाशयों और नहरों का जलस्तर खतरे के निशान को छूने लगा।
**तीसरे दिन भी यात्राएं स्थगित; प्रशासन अलर्ट पर**
राज्य प्रशासन ने सुरक्षा के हित में कड़े कदम उठाए हैं। लगातार बारिश, विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ को देखते हुए, एहतियात के तौर पर जम्मू-कश्मीर में सभी प्रमुख धार्मिक यात्राओं को लगातार तीसरे दिन भी स्थगित कर दिया गया है। संवेदनशील और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। पुलिस, प्रशासन और राहत एजेंसियां किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।