पाली की विमला देवी जैन ने दिखाया हुनर की ताकत, 'रिद्धि सिद्धि खाखरा उद्योग' अमेरिका और फ्रांस तक पहुंचा
राजस्थान के पाली जिले की विमला देवी जैन ने साबित कर दिया कि हुनर डिग्री का मोहताज नहीं होता। महज सातवीं कक्षा तक पढ़ाई करने वाली विमला देवी ने अपनी मेहनत और हौसले से एक सफल उद्यमिता की मिसाल कायम की है।
कई साल पहले, घर के खाली समय में अपने सहेली के साथ खाखरा (Khakhra) बनाने का छोटा सा काम शुरू करने वाली विमला देवी ने इसे अब 'रिद्धि सिद्धि खाखरा उद्योग' के रूप में विकसित किया है। यह ब्रांड आज करोड़ों के टर्नओवर वाला एक नामचीन ब्रांड बन चुका है।
विमला देवी का कहना है कि लगन, मेहनत और गुणवत्ता पर ध्यान देने से कोई भी व्यवसाय बड़ा बन सकता है। उनके खाखरे आज न केवल राजस्थान और भारत में बल्कि अमेरिका और फ्रांस जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचे हैं।
स्थानीय उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि विमला देवी जैसी महिला उद्यमियों की कहानी अन्य महिलाओं और युवाओं के लिए प्रेरणा है। यह साबित करता है कि शिक्षा की सीमित पृष्ठभूमि भी सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती।
'रिद्धि सिद्धि खाखरा उद्योग' ने न केवल राजस्थान के पारंपरिक स्वाद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है, बल्कि स्थानीय रोजगार और महिला सशक्तिकरण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
विमला देवी जैन की यह कहानी दिखाती है कि हौसला, हुनर और लगन के साथ किसी भी चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है। ✨🥖