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ओडिशा की घटना पर गरमाई राजनीति, वीडियो में देंखे जीतू मुंडा मामले में राजस्थान के मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने मदद का ऐलान

 

ओडिशा के क्योंझर जिले में सामने आए एक दर्दनाक मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। यहां एक आदिवासी युवक जीतू मुंडा अपनी मृत बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंच गया, जिसके बाद प्रशासनिक लापरवाही और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

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इस घटना के सामने आने के बाद राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने पीड़ित परिवार की मदद के लिए आगे आते हुए अपनी एक महीने की सैलरी देने की घोषणा की है। मंत्री के वेतन और भत्तों को मिलाकर यह राशि लगभग 1 लाख 45 हजार रुपए होती है, जिसमें 65 हजार रुपए मूल वेतन और लगभग 80 हजार रुपए भत्ते शामिल हैं।

मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने इस घटना पर गहरी नाराजगी जताते हुए ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से भी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक व्यक्ति की पीड़ा नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की संवेदनहीनता को दर्शाता है।

किरोड़ी लाल मीणा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि जीतू मुंडा की बेबसी और दर्द देखकर उनका कलेजा कांप उठा। उन्होंने कहा कि एक गरीब आदिवासी को कागजी प्रक्रिया के नाम पर इस तरह परेशान करना किसी भी सभ्य समाज के लिए कलंक के समान है।

यह मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है और संबंधित विभागों से रिपोर्ट मांगी जा रही है। वहीं, सामाजिक संगठनों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने भी इस घटना को गंभीर बताते हुए जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

स्थानीय स्तर पर यह घटना सरकारी योजनाओं और लाभ पहुंचाने वाली व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर रही है। कई लोग इसे प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर उदाहरण मान रहे हैं, जहां जरूरतमंद व्यक्ति को न्याय पाने के लिए असाधारण कदम उठाने पड़े।

फिलहाल, यह मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की नजर इस बात पर है कि ओडिशा सरकार इस पर क्या कार्रवाई करती है और पीड़ित परिवार को किस तरह न्याय मिलता है।