×

मणिपुर में जातीय तनाव फिर भड़का: वीडियो में देंखे शिक्षक से मारपीट के बाद गांवों में आगजनी, इंटरनेट बंद और सेना तैनात

 

मणिपुर में जातीय तनाव एक बार फिर गंभीर रूप लेता दिख रहा है। 7 फरवरी, 2026 को उखरुल जिले के लिटान सरईखोंग गांव में हुई एक घटना ने पूरे इलाके का माहौल बिगाड़ दिया। आरोप है कि एक नगा समुदाय के शिक्षक के साथ कुछ युवकों ने मारपीट की, जिसके बाद स्थिति तेजी से हिंसा और आगजनी में बदल गई।स्थानीय जानकारी के अनुसार, नगा समुदाय से जुड़े एक शिक्षक स्कूल से घर लौट रहे थे, तभी उन्होंने कुछ युवकों को सड़क किनारे शराब पीते हुए देखा। शिक्षक ने कथित तौर पर उन्हें स्कूल परिसर के पास इस तरह की गतिविधि से मना किया। इसके बाद विवाद बढ़ गया। आरोप है कि ये युवक कुकी समुदाय से संबंधित थे और उन्होंने शिक्षक के साथ मारपीट की। साथ ही उन्हें धमकी दी गई कि यदि उन्हें जीवित रहना है तो उखरुल छोड़ दें।

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/-CrLrCiEaFA?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/-CrLrCiEaFA/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

इस घटना के बाद इलाके में तनाव तेजी से फैल गया। अगले दो दिनों यानी 8 और 9 फरवरी की रात हालात और बिगड़ गए, जब भीड़ ने लिटान सरईखोंग के आसपास के नगा बहुल गांवों को निशाना बनाया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान 20 से अधिक घरों में आग लगा दी गई, जिससे भारी नुकसान हुआ और कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पलायन करना पड़ा।स्थिति के गंभीर होते ही प्रशासन हरकत में आया और 10 फरवरी को उखरुल और कांगपोकपी जिलों में इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया, ताकि अफवाहों और भड़काऊ संदेशों के प्रसार को रोका जा सके। सुरक्षा बलों को दोनों जिलों की सीमाओं पर तैनात कर दिया गया है और इलाके में कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, हालात पर नियंत्रण रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को भी बुलाया गया है। सेना और अर्धसैनिक बल लगातार संवेदनशील इलाकों में गश्त कर रहे हैं, ताकि किसी भी तरह की नई हिंसा को रोका जा सके। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।इस घटना ने एक बार फिर मणिपुर के जातीय तनाव को उजागर कर दिया है, जहां पहले से ही नगा और कुकी समुदायों के बीच संवेदनशील संबंध बने हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं सामाजिक सौहार्द के लिए गंभीर चुनौती बन सकती हैं और इनके समाधान के लिए संवाद और शांति प्रयासों को और मजबूत करने की जरूरत है। फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और प्रशासन स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। आगे की जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि हिंसा की शुरुआत किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे कौन-कौन जिम्मेदार है।