नासिक में अघोरी पूजा के नाम पर मजदूर परिवार से 1.60 लाख की ठगी, महिला तांत्रिक हिरासत में
महाराष्ट्र के नासिक और धुले जिले से अंधविश्वास और कथित तांत्रिक गतिविधियों से जुड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि बीमारी और पारिवारिक परेशानियां दूर करने का भरोसा देकर धुले के एक मजदूर परिवार से करीब 1.60 लाख रुपये लिए गए। शिकायत के मुताबिक, परिवार की महिला को नासिक के गोदाघाट ले जाकर कथित तौर पर अघोरी अनुष्ठान कराया गया। मामले में धुले पुलिस ने नासिक की कथित तांत्रिक सरिता जाधव और उसके साथियों को हिरासत में लिया है।
बीमारी और पारिवारिक परेशानी दूर करने का दावा
पुलिस शिकायत के अनुसार, पीड़ित महिला को लगातार स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां और आर्थिक दिक्कतें थीं। इसी दौरान उसकी पहचान सरिता जाधव से हुई। आरोप है कि महिला तांत्रिक ने परिवार की समस्याओं को कथित जादू-टोने से जोड़कर कई तरह के अनुष्ठान करने की बात कही और इसके लिए पैसे लिए।
रिपोर्टों के मुताबिक, पीड़िता से अलग-अलग चरणों में करीब 1.60 लाख रुपये लिए गए। शुरुआत में उसने कथित अनुष्ठानों के लिए 1.30 लाख रुपये दिए थे, जबकि बाद में करीब 30 हजार रुपये और लिए जाने का आरोप है।
गोदाघाट पर कराया गया कथित अघोरी स्नान
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 14 जुलाई 2026 को अमावस्या के दिन महिला को नासिक के गोदाघाट क्षेत्र में ले जाया गया। वहां कथित तौर पर उसे अघोरी स्नान कराया गया और नींबू से जुड़े अनुष्ठान किए गए।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इसी दौरान महिला की आंखों में नींबू का रस डाले जाने का भी आरोप है। इसके बाद उसे नारियल और पेड़ा खाने के लिए दिया गया, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने और उल्टी होने की बात शिकायत में कही गई है।
21 साल की बेटी को 40 दिन दूर रखने का आरोप
मामले में पीड़ित परिवार की 21 वर्षीय बेटी को लेकर भी गंभीर आरोप सामने आए हैं। शिकायत के मुताबिक, महिला तांत्रिक ने युवती पर कथित बुरी शक्तियों का प्रभाव होने की बात कही और उसे करीब 40 दिनों तक परिवार से दूर रखने के लिए कहा।
इसके बाद 24 जुलाई 2026 को युवती का कथित तौर पर सरिता जाधव के बेटे से सगाई कराने का आरोप है। परिवार को उम्मीद थी कि इससे उनकी परेशानियां खत्म हो जाएंगी। बाद में कथित तौर पर आरोपी पक्ष ने परिवार से संपर्क तोड़ दिया।
अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति की मदद से दर्ज हुई शिकायत
फर्जीवाड़े का शक होने के बाद पीड़ित महिला ने महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति से संपर्क किया। समिति के कार्यकर्ताओं ने परिवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के लिए मदद की। इसके बाद 27 सितंबर 2026 को धुले सिटी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया।
धुले पुलिस ने नासिक पुलिस की मदद से कार्रवाई करते हुए सरिता जाधव और उसके कथित साथियों को पकड़ा। आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र के अंधश्रद्धा और जादू-टोना विरोधी कानून समेत अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस तरह की गतिविधियों में और कौन लोग शामिल हैं।